लुधियाना जिले के खन्ना के पास स्थित गांव घणगस में उस समय मातम पसर गया, जब वहां के निवासी 29 वर्षीय महक सिंह की अमेरिका में मौत की सूचना मिली। महक सिंह अपने परिवार और अपने भविष्य को संवारने के लिए विदेश गया था, लेकिन किसे पता था कि वहां से उसकी मौत की खबर आएगी। फिलहाल पूरा गांव और परिजन इस गहरे सदमे में हैं।
कनाडा से अमेरिका का सफर और स्टोर पर काम
महक सिंह 1 अप्रैल 2024 को बेहतर अवसरों की तलाश में सबसे पहले कनाडा गया था। वहां कुछ समय रहने के बाद वह अमेरिका चला गया। अमेरिका के इंडियाना में वह एक स्टोर पर काम कर रहा था। परिजनों के अनुसार, वह काफी मेहनती था और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए दिन-रात प्रयास कर रहा था।
बातचीत में ड्राइविंग लाइसेंस का किया था जिक्र
मृतक के पिता उदय सिंह ने भारी मन से बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार लंबी बातचीत 15 अप्रैल को हुई थी। उस समय महक पूरी तरह स्वस्थ था और उसने अपने परिवार का हाल-चाल पूछा था। वहीं महक की बुआ सुखविंदर कौर ने जानकारी दी कि 21 अप्रैल को भी महक से उनकी सामान्य बातचीत हुई थी। उस दौरान महक काफी उत्साहित था और अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारियों के बारे में चर्चा कर रहा था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उसकी आखिरी बातचीत साबित होगी।
हार्टअटैक बना मौत का कारण
22 अप्रैल की सुबह परिजनों के पास एक फोन आया, जिसने उनकी पूरी दुनिया उजाड़ दी। फोन पर सूचना दी गई कि महक सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहा। बताया जा रहा है कि काम के दौरान या आराम करते समय उसे अचानक तेज हार्टअटैक आया, जो जानलेवा साबित हुआ। महक की मौत की पुष्टि होते ही गांव में सन्नाटा पसर गया है। अब परिवार सरकार और सामाजिक संस्थाओं से महक के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए मदद की गुहार लगा रहा है।

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