लड़कियों की सेहत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सभी स्कूलों में मेन्स्ट्रुअल सुविधा अनिवार्य
पाकिस्तान में है भक्त प्रह्लाद का मंदिर, यहां से हुआ था होली का आरंभ :
पाकिस्तान स्थित पंजाब के मुल्तान शहर में श्रीहरि के भक्त प्रह्लाद का मंदिर है। इस मंदिर का नाम प्रह्लादपुरी मंदिर है। होली के समय यहां पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है। यहां दो दिनों तक होलिका दहन उत्सव मनाया जाता है। कहा जाता है कि पाकिस्तान में मौजूद इस पंजाब प्रांत में होली, होलिका दहन से 9 दिनों तक मनाई जाती है। होली के दिन पश्चिमी पंजाब और पूर्वी पंजाब में मटकी फोड़ी जाती है। भारत की भांति ही यहां पर भी मटकी ऊंचाई पर लटकाई जाती है। यहां के लोग पिरामिड बनाकर मटकी को फोडते हैं। यहां होली के त्यौहार को चौक-पूर्णा नाम से जाना जाता है।
एक कथा के अनुसार होलिका भक्त प्रह्लाद की बुआ थी। प्रह्लाद के पिता दैत्यराज हिरण्यकश्यिपु श्रीहरि से नफरत करते थे क्योंकि भगवान विष्णु ने वराह अवतार में उनके बड़े भाई हिरण्याक्ष का वध किया था। जबकि भक्त प्रह्लाद श्रीहरि के भक्त थे। वे श्रीहरि की भक्ति में ही लीन रहते थे। भक्त प्रह्लाद के वध के लिए हिरण्यकश्यिपु ने बहुत प्रयास किए, लेकिन असफलता हाथ लगी। उसके बाद प्रह्लाद को मारने के लिए उन्होंने अपनी बहन होलिका को नियुक्त किया। उसे वरदान प्राप्त था कि वह आग में नहीं जल सकती। लेकिन जब होलिका भक्त प्रह्लाद को लेकर आग में बैठी तो वह जल गई अौर प्रह्लाद को श्रीहरि ने बचा लिया।
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहीं नरसिंह भगवान ने एक खंबे से निकल कर प्रह्लाद के पिता हिरण्यकश्यप को मारा था। इसके पश्चात प्रह्लाद ने स्वंय ही इस मंदिर का निर्माण करवाया था। यह भी माना जाता है कि होली का त्यौहार और होलिका दहन की प्रथा भी यहीं से आरंभ हुई थी !!






Sidhu ji you are flourishing journalist
Abuse  Reply