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जब भी चुनाव का वक्त आता है तब तब राजनितिक दलों के कार्यकर्ताओं की पार्टी बदलने की आदत एक आम बात हो गई है इस का बड़ा कारण पार्टी के सीनियर द्वारा अपने कार्यकर्ताओं की अनदेखी दूसरा मुख्य कारण यह भी देखने को आया है कि कुछ मौका प्रस्त लोग यहाँ फायदा नज़र आता है उस पार्टी में शामिल हो जाते हैं यह कहना है कि समाज सेवक तथा कांग्रेसी नेता गुरप्रीत सिंह सिद्धू का अभी ऐसी क्या प्रस्थिति बन रही है कि कांग्रेस पार्टी अपने सीनियर नेताओ को दूसरी पार्टी में जाने से रुकने में विफल हो रही है क्या कांग्रेस पार्टी में उनको बनता मान सम्मान नही मिल रहा जा फिर वो किसी लालच में आकर ऐसा कदम उठाते है अगर वो किसी दूसरी पार्टी में ऊँचे पद के लालच में आकर पार्टी बदलते हैं तो ऐसे और कितने गद्दार पार्टी में शामिल हैं जो आने वाले दिनों में ऐसा कर सकते है उस पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है दूसरा जो कार्यकर्ता बिना किसी लालच के पार्टी प्रति वफादार हैं उन्होंने उनका बनता मान सम्मान देना पार्टी का फर्ज है इससे पहले कि चुनाव के बिलकुल पास आते ही कोई पार्टी को तगड़ा झटका दे उससे पहले ही ऐसे सीनियर कार्यकर्ताओ को पार्टी के बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए सिद्धू ने पार्टी हाईकमान राहूल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, एआईसीसी अध्यक्ष मलिका अर्जून खड़गे, महासचिव के.सी वेणुगोपाल तथा पंजाब प्रदेश के अध्यक्ष से निवेदन किया है कि इस तरह से अगर लोग हमारी पार्टी को छोड़ दूसरी पार्टीओ में जाएंगे तो पार्टी का पतन निश्चत है कृपया जो कार्यकर्ता बिना किसी लालच के पार्टी को अपना समय दे रहा है उसको अनदेखा ना किया जाए !हम पार्टी के कामकाज और विचारों को जनता को संबोधित करने के लिए खुद की कुर्सी और माइक की पेशकश कर रहे हैं। पंजाब कांग्रेस में ऐसा हो रहा है तो जनता के बीच हमारी स्थिति कहां है और जो हर मोर्चे पर हमारी पार्टी के साथ खड़ा है,जब वफादारों को सम्मान देने की जरूरत थी तो पार्टी ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया और मौका दिया दूसरी पार्टी से आने वाले पैराशूटिस्टों और पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले नए लोगों के लिए, तो हमारी स्थिति क्या है और हम जनता के साथ कैसे व्यवहार कर सकते ,प्रिय पीसीसी अध्यक्ष साब, आप सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए आदरणीय और सम्मानित थे और पार्टी के उत्थान के लिए काम कर रहे थे, कृपया पार्टी के गद्दारों पर विचार करें और उनसे सावधान रहें। यह हर राज्य में हमारी पार्टी का पतन है, विशेष रूप से पंजाब में और हार गई है आखिरी चुनाव साल 2022 में !प्रिय पीसीसी अध्यक्ष साब, कृपया पुष्टि करें कि हम इस स्थिति में कहां खड़े हो सकते हैं, क्योंकि हम बिना किसी लालच के पार्टी के प्रति वफादार हैं। हमारे वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में मैं पूरे पंजाब और भारत के अन्य राज्यों में हमेशा पार्टी के साथ रहूंगा। कृपया आपसे मेरे विनम्र अनुरोध पर विचार करें, प्रिय एआईसीसी अध्यक्ष श्री मलिका अर्जुन खड़गे जी, प्रिय पीसीसी अध्यक्ष साब के साथ, पार्टी के वफादारों को बचाएं और अवसरवादियों को नजरअंदाज करें, गद्दारों को रास्ता दिखाएं, जिन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ने का समय आने पर पार्टी छोड़ दी थी, सादर गुरप्रीत सिंह सिद्धू जय हिंद !






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