AAP नेता कीमती भगत ने झोटा परिवार पर उठाए सवाल, लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू को बताया महामूर्ख
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर जारी विवाद के बीच जालंधर के आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और गौशाला सेवा के वाइस चेयरमैन कीमती भगत ने ऐसा बयान दिया है, जिस पर विवाद खड़ा हो सकता है। उन्होंने झोटा के परिवार से ही सवाल करते हुए पूछा कि आखिर ऐसे हालात क्यों बने कि अश्वनी कुमार को गोली चलानी पड़ी। इसके साथ ही उन्होंने झोटा के समर्थन में आवाज उठा रहे लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू को भी महामूर्ख करार दिया।
झोटा के परिवार से पूछा- गोली चलाने के हालात क्यों बने?
कीमती भगत ने वीडियो जारी कर कहा कि किसी भी व्यक्ति का दिल नहीं करता कि वह किसी दूसरे को गोली मारे। अगर अश्वनी कुमार नशा बेच रहा था तो परविंदर झोटा को इसकी शिकायत सरकार और प्रशासन से करनी चाहिए थी। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि झोटा के पास किसी व्यक्ति के गले में जूतों का हार डालकर उसे बाजार में घुमाने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। कीमती भगत ने दावा किया कि झोटा दोबारा उसी दुकानदार के पास चला गया था, जिससे दुकानदार डर गया और उसने गोली चला दी।
लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू पर भी निकाली भड़ास
AAP नेता ने लक्खा सिधाना और भाना सिद्धू को महामूर्ख बताते हुए उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष बदमाश किस्म के हैं और कोई भी समाजसेवी नहीं है। उनके मुताबिक, कुछ लोग लगातार पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
अमित शाह के पंजाब दौरे पर उठाए सवाल
वहीं कीमती भगत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह आरएसएस के वरिष्ठ नेता गगनेजा की मौत के बाद उनके परिवार से मिलने नहीं पहुंचे। इसी तरह 1984 के दंगों में प्रभावित परिवारों से भी मुलाकात नहीं की गई। अब परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात केवल चुनावी फायदा लेने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने भाजपा शासित हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात में भी नशे की समस्या का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि वहां नशे के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है।
BSF और केंद्र सरकार से भी मांगा जवाब
कीमती भगत ने कहा कि गुजरात में भारी मात्रा में नशा पकड़ा जा रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि वहां नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। BSF की भूमिका पर भी सवाल उठाए और केंद्र से पूछा कि नशा तस्करों के खिलाफ अब तक कितनी बड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से इसकी रिपोर्ट मांगने की बात कही और आरोप लगाया कि पंजाब में चुनाव को देखते हुए माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है।
17 दिनों से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहा परिवार
गौरतलब है कि परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर पंजाब में संघर्ष लगातार जारी है। परिवार करीब 17 दिनों से इंसाफ की मांग कर रहा है और अभी तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। मामले को लेकर पंजाब सरकार ने मानसा जिले की तीनों सब-डिवीजनों के DSP का तबादला किया था। उनकी जगह DSP (D) पुष्पिंदर सिंह गिल को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा तीन SP स्तर के अधिकारियों को भी अस्थायी तौर पर मानसा में तैनात किया गया है।







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