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जालंधर कैंट की प्रस्तावित पेरिफेरी रोड का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सितंबर 2022 से लंबित इस परियोजना को पूरा करवाने की मांग को लेकर आसपास के इलाकों के लोगों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नाम डिप्टी कमिश्नर (DC) को मांगपत्र सौंपा। पार्षद बलराज ठाकुर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप कर सड़क का काम पूरा करवाने की अपील की। इस दौरान पूर्व सैनिकों की सर्व सांझी कमेटी ने भी लोगों की मांग का समर्थन किया।
सितंबर 2022 से फाइलों में अटका है सड़क का मामला
इलाकावासियों के अनुसार, जालंधर कैंट पेरिफेरी रोड का मुद्दा लंबे समय से लंबित है। सेना और नागरिक प्रशासन के बीच कई बैठकों के बाद कथित तौर पर यह सहमति बनी थी कि पंजाब सरकार सड़क के लिए जरूरी जमीन के बदले सेना को उसकी कीमत देगी या वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराएगी। हालांकि, लोगों का कहना है कि सितंबर 2022 के बाद से इस मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

मांगपत्र के जरिए मुख्यमंत्री से अपील की गई है कि जमीन से जुड़े विवाद का जल्द समाधान निकालकर सड़क परियोजना को पूरा किया जाए, ताकि आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को राहत मिल सके।
2007 में शुरू हुआ था विवाद
प्रस्तावित पेरिफेरी रोड से जुड़े विवाद की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सेना ने इस रास्ते को बंद करने के लिए दीवार बनाने का काम शुरू किया था। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, क्योंकि कई घरों के दरवाजे इसी रास्ते की ओर खुलते थे और आसपास के लोग आने-जाने के लिए इसका इस्तेमाल करते थे।
विरोध के बाद कुछ हिस्सों में दीवार बनाकर रास्ता बंद कर दिया गया, जबकि अन्य हिस्सों में कच्चा रास्ता मौजूद रहा। इसके बाद मामला पंजाब सरकार तक पहुंचा और सेना तथा नागरिक प्रशासन के बीच कई दौर की बातचीत हुई। जमीन के बदले मुआवजे या वैकल्पिक जमीन देने का मुद्दा सामने आया, लेकिन स्थानीय निवासियों के मुताबिक, इसका समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
12 किलोमीटर लंबी सड़क से कई इलाकों को फायदा मिलने की उम्मीद
प्रस्तावित पेरिफेरी रोड करीब 12 किलोमीटर लंबी बताई जा रही है। यह अटवाल हाउस से शुरू होकर जसवंत नगर, गढ़ा, सुबाना, धीणा, संसारपुर, अलादीनपुर, खुसरोपुर, सोफी पिंड, नंगर करार खां, दीप नगर और वडिंग जैसे इलाकों से गुजरते हुए जीटी रोड से जुड़ने का प्रस्ताव है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से आसपास के गांवों और रिहायशी क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही, क्षेत्र में आवाजाही के लिए बेहतर वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।
समाधान नहीं हुआ तो बड़े संघर्ष की चेतावनी
मांगपत्र सौंपने पहुंचे लोगों ने पंजाब सरकार से इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लंबे समय से लंबित मामले का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो इलाके के निवासी बड़े स्तर पर संघर्ष शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
इस मौके पर राम प्रकाश सहदेव, कैप्टन मनजीत सिंह, हरविंदर सेतिया, परमिंदर कौर, पवन कुमार, अजीत वालिया, सूबेदार राजिंदर सिंह, सूबेदार बलदेव सिंह, गुरप्रीत सिंह सिद्धू, रविंदर चौधरी, बलबीर सिंह, सुरिंदर सिंह मुल्तानी, महेश विक्की, विनोद कुमार, ओंकार सिंह मनहास और सूबेदार बहादुर सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे। बड़ी संख्या में इलाके के निवासियों ने भी मांगपत्र सौंपने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।





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