Fri, 02 Oct 2026
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अशोक मित्तल ने LPU हिंसा पर उठाए बड़े सवाल, बोले- ‘आखिर छात्रों को किसने भड़काया?’

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुए छात्रों के बवाल पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए अशोक मित्तल ने स्पष्ट किया कि कैंपस में किसी भी छात्रा के साथ दुष्कर्म या यौन उत्पीड़न जैसी कोई घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि घटना में कोई भी पीड़िता शामिल नहीं है और इस तरह की झूठी खबरें फैलाकर केवल यूनिवर्सिटी, पंजाब और देश की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में कोई अप्रिय घटना नहीं घटी थी, लेकिन अफवाहों के आधार पर स्थिति को बिगाड़ा गया।

छात्रों को भड़काने और साजिश रचने का लगाया आरोप
अशोक मित्तल ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के निर्दोष छात्रों को बाहर से या योजनाबद्ध तरीके से भड़काया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह के उपद्रव से खुद यूनिवर्सिटी के छात्रों का दिल सबसे ज्यादा दुखा है। मित्तल ने सवाल उठाया कि इस प्रतिष्ठित संस्थान को बर्बाद करने और इसका नाम खराब करने के पीछे किसका हाथ है, यह एक गंभीर जांच का विषय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने स्तर पर भी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवा रहा है।

पंजाब और देश की सुरक्षा को लेकर जताई गहरी चिंता
मामले पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए अशोक मित्तल ने कहा कि उन्हें अपनी यूनिवर्सिटी की साख से ज्यादा सीमावर्ती राज्य पंजाब और देश की सुरक्षा व सम्मान की चिंता है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि उपद्रव के दौरान कैंपस में रखे मिग-21 लड़ाकू विमान और सेना के प्रतीकात्मक टैंकों पर चढ़कर तोड़फोड़ की गई, जो देश की सुरक्षा और राष्ट्रीय प्रतीकों का सीधे तौर पर बेअदबी व अपमान है।

चितकारा घटना का जिक्र और गहन जांच की मांग
अशोक मित्तल ने संकेत दिया कि यह केवल एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि इससे पहले चितकारा यूनिवर्सिटी में भी इसी तरह की घटना को अंजाम दिया गया था और अब लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया गया है। सीबीआई जांच के सवाल पर उन्होंने साफ किया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ऐसी कोई मांग नहीं की है, बल्कि यह मांग प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से उठी थी। उन्होंने सभी संबंधित सरकारों और जांच एजेंसियों से अपील की है कि वे इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच करें ताकि पर्दे के पीछे छिपे असामाजिक तत्वों को बेनकाब किया जा सके।

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