शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। 6 हजार करोड़ रुपये के कथित ड्रग्स मामले में बुधवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने उन्हें समन जारी किया है। मजीठिया को 5 अक्टूबर को SIT के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। इसी मामले में ड्रग्स केस के आरोपी रहे जगदीश सिंह भोला को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
मजीठिया और भोला से आमने-सामने पूछताछ की तैयारी
जांच से जुड़े मामले में मजीठिया और जगदीश भोला से आमने-सामने पूछताछ किए जाने की संभावना जताई जा रही है। पुराने ड्रग्स मामले की जांच में भोला समेत अन्य आरोपियों के बयानों का रिकॉर्ड अदालत के सामने भी रखा जा चुका है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2022 के आदेश में भी भोला, जगजीत सिंह चहल और मनिंदर सिंह औलख उर्फ बिट्टू औलख के बयानों का उल्लेख किया गया था।
2021 में NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुई थी FIR
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिसंबर 2021 में FIR दर्ज की थी। FIR में NDPS एक्ट की धारा 25, 27-A और 29 लगाई गई थीं। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, यह मामला 2018 में STF की ओर से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया था। पुलिस का आरोप था कि मजीठिया की कथित तौर पर ऐसे लोगों से संबंध थे, जिनके खिलाफ ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामले थे।
FIR में कथित गतिविधियों से जुड़ी अवधि 2004 से 2014 के बीच बताई गई थी। मामले की जांच के दौरान जगदीश सिंह भोला, जगजीत सिंह चहल और मनिंदर सिंह औलख सहित कई लोगों के बयानों का भी हवाला दिया गया।
हाईकोर्ट से 2022 में मिली थी जमानत
मजीठिया ने इस मामले में गिरफ्तारी के बाद अदालत का रुख किया था। वह 24 फरवरी 2022 को न्यायिक हिरासत में भेजे गए थे। इसके बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 10 अगस्त 2022 को उन्हें नियमित जमानत दे दी थी। अदालत के आदेश में मामले से जुड़े जांच रिकॉर्ड और अभियोजन सामग्री पर विस्तार से चर्चा की गई थी।
बाद में राज्य सरकार की ओर से जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। 2025 के हाईकोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की SLP को 25 अप्रैल 2025 को खारिज कर दिया था।
मजीठिया लगातार आरोपों से इनकार करते रहे हैं
मजीठिया इस ड्रग्स मामले में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से लगातार इनकार करते रहे हैं और मामले की कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका पक्ष रहा है कि NDPS मामले में पुलिस ने उनके पास से कोई ड्रग्स बरामद नहीं की। वहीं जांच एजेंसियों ने मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के बयानों और उपलब्ध जांच सामग्री के आधार पर उनकी भूमिका की जांच की है।
अब SIT के नए समन के बाद मजीठिया को 5 अक्टूबर को पूछताछ के लिए पेश होना है। इस दौरान जांच टीम मामले से जुड़े पुराने बयानों और अन्य जांच सामग्री के आधार पर उनसे पूछताछ कर सकती है।





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