Thu, 22 Oct 2026
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478 मौतों के बाद फिर मंडराया बाढ़ का खतरा, नेपाल-तिब्बत सीमा पर टूटा झील का किनारा

नेपाल और चीन (तिब्बत) के सीमावर्ती इलाकों में प्राकृतिक आपदा का कहर लगातार जारी है। रसुवा जिले के पास तिब्बत सीमा पर स्थित एक प्राकृतिक झील का तटबंध (बांध) अचानक टूटने से आसपास के नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाली प्रशासन ने आपातकालीन चेतावनी जारी कर स्थानीय निवासियों और सुरक्षाकर्मियों को तुरंत निचले इलाकों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की अपील की है।

चीन ने रोका राहत अभियान, लेवल-4 अलर्ट जारी
दूसरी ओर, तिब्बत में दोबारा बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए चीन सरकार ने शुक्रवार को अपना राहत एवं बचाव कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया है। चीनी अधिकारियों ने क्षेत्र में लेवल-4 का हाई अलर्ट जारी किया है। बुधवार को हुए विनाशकारी भूस्खलन के बाद से इलाके में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और बचाव दल के लिए भी खतरा बढ़ता जा रहा है।

478 की मौत, 290 भारतीयों समेत 1500 से अधिक लापता
इस प्राकृतिक आपदा में दोनों देशों को भारी जन-धन का नुकसान हुआ है। अब तक 478 लोगों की जान जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 1500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। चिंता की बात यह है कि लापता लोगों में लगभग 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा 517 विदेशी पर्यटक, नेपाल सेना के 45 जवान और नेपाल पुलिस के 41 कर्मी भी लापता बताए जा रहे हैं।

सुरक्षाबलों और आम जनता के लिए हाई अलर्ट
सीमावर्ती इलाकों में तिब्बत की तरफ से पानी का बहाव एक बार फिर से तेज हो गया है। खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों, पुलिस, सेना और आम नागरिकों को तुरंत इलाका खाली करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे एक-दूसरे को सतर्क करें और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में एक-दूसरे का सहयोग करें।

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