Sun, 13 Sep 2026
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मानसून में घर का वैद मुलेठी

मानसून आते ही गले में खराश, सूखी खांसी और आवाज़ बैठना आम हो जाता है। इस मौसम में सबसे आसान और असरदार घरेलू चीजों में से एक है मुलेठी। इसे अंग्रेजी में Licorice Root कहते हैं।

मीठी स्वाद वाली ये जड़ सदियों से गले, पाचन और इम्यूनिटी के लिए घरों में इस्तेमाल होती आ रही है। और सबसे अच्छी बात - ये बिल्कुल नेचुरल है।

 *मुलेठी के फायदे*

*1. गले और आवाज़ के लिए बेस्ट*
गले में खराश या सूखी खांसी हो तो मुलेठी की छोटी डंडी मुंह में रखकर धीरे-धीरे चूसें।
_कैसे काम करती है:_ इसमें म्यूसिलेज नाम का एक प्राकृतिक तत्व होता है जो गले को कोट करके मॉइस्चर देता है। इससे इरिटेशन और खुजली कम होती है। टीचर, सिंगर इसे इसी वजह से इस्तेमाल करते हैं।

*2. कफ और सांस में आराम*
मानसून की सर्दी में कफ गाढ़ा हो जाता है। मुलेठी कफ को पतला करने में मदद करती है ताकि वो आसानी से बाहर निकले। इससे सांस लेने में भी आसानी होती है।

*3. पाचन और एसिडिटी में राहत*
ज्यादा तला-भुना खाने से पेट में जलन और गैस होती है। मुलेठी पेट की अंदरूनी लाइनिंग को ठंडक देती है।
_फायदा:_ अपच, पेट फूलना और एसिडिटी कम करने में मदद मिलती है।

*4. इम्यूनिटी और एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट*
मुलेठी में ग्लिसराइज़िन और फ्लेवोनॉइड्स पाए जाते हैं। ये प्लांट कंपाउंड शरीर की कोशिकाओं को फ्री-रैडिकल डैमेज से बचाते हैं।
_फायदा:_ बीमारियों से लड़ने की क्षमता को सपोर्ट करता है।

*5. मुंह के छाले और ड्राई माउथ*
मुलेठी में नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं।
_फायदा:_ बार-बार होने वाले मुंह के छालों में सूजन कम करती है और मुंह सूखने की समस्या में भी राहत देती है।

*मुलेठी का न्यूट्रिशनल पॉइंट*
100g मुलेठी की जड़ में लगभग 0 कैलोरी होती है। ये फैट, कोलेस्ट्रॉल और शुगर फ्री होती है। 

मुलेठी की चाय 1 टी बैग में भी कैलोरी 0 होती है।
यानी ये एक लो-कैलोरी हर्ब है जिसका असर पोषक तत्वों से ज्यादा इसके प्लांट कंपाउंड्स की वजह से है। 

_नोट:_ बाजार में मिलने वाली मुलेठी कैंडी/चॉकलेट में बहुत शुगर होती है। 40g कैंडी में 27g तक शुगर हो सकती है। घरेलू उपाय के लिए असली जड़ या पाउडर ही लें। 

*इसे घर पर कैसे लें? 3 आसान तरीके*

*1. डंडी चबाकर*
दिन में 1-2 बार छोटी डंडी मुंह में रखें और धीरे-धीरे चूसें। रस निगलते रहें, डंडी को चबाकर खाएं नहीं।

*2. मुलेठी की चाय*
- 1/2 चम्मच मुलेठी पाउडर
- 1 कप पानी
पानी में 5 मिनट उबालें, छान लें। गुनगुना होने पर 1 चम्मच शहद मिलाएं। दिन में 1 बार से ज्यादा न लें।

*3. शहद के साथ*
1/4 चम्मच मुलेठी पाउडर + 1 चम्मच शहद मिलाकर चाटें। ये गले की खराश में तुरंत आराम देता है।

_टिप:_ हमेशा गुनगुना लें, बहुत गर्म न पिएं।

 *⚠️ जरूरी सावधानियां*

1. *मात्रा सीमित रखें*: दिन में 3 ग्राम से ज्यादा न लें। ज्यादा लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
2. *किसे नहीं लेनी चाहिए*: हाई BP, दिल, किडनी की समस्या वाले लोग, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं डॉक्टर से पूछे बिना न लें।
3. *दवाओं के साथ*: अगर आप BP, शुगर या ड्यूरेटिक की दवा ले रहे हैं तो पहले डॉक्टर से सलाह लें।
4. *लगातार न लें*: 4-6 हफ्ते से ज्यादा लगातार इस्तेमाल न करें। बीच में 2 हफ्ते का ब्रेक दें।

 *निष्कर्ष*
मुलेठी मानसून के लिए एक शानदार घरेलू सपोर्ट है। ये गले, पाचन और इम्यूनिटी तीनों को हेल्प करती है। लेकिन याद रखें - ये दवा का विकल्प नहीं है।

अगर बुखार है, तेज खांसी 5 दिन से ज्यादा है, या गले में बहुत दर्द है तो डॉक्टर से जरूर मिलें।

इस मानसून अपने गले का ख्याल रखें - मुलेठी को अपनी किचन में जरूर रखें।

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