Fri, 31 Jul 2026
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नगर निगम जालंधर के पास ना पेपर /ना स्याही/ ना पिन / :  पूर्व पार्षद जगदीश समराय

नगर निगम जालंधर के पास ना पेपर /ना स्याही/ ना पिन / पंजाब के  जालंधर शहर मै आ गया भारी बदलाव ,,
पी.एम और सी.एम के कार्यालय में किसी भी प्रकार की चिट्ठी/ पत्र भेजो उसका तुरंत जवाब आ जाता है ,,,

नगर निगम के कार्यालय में10वीं भारी मांग पत्र दिया काम तो क्या होना था एक बार भी बुलाकर जा इसका  जवाब अभी तक नहीं मिला,,,, 
 पूर्व पार्षद जगदीश समराय...
 
जालंधर 15 सितंबर:: नगर निगम जालंधर के वार्ड नंबर 78 के पूर्व पार्षद जगदीश समराय की तरफ से ,नगर निगम जालंधर के कमिश्नर डॉ ऋषि पाल को 10th  मांग पत्र देने पहुंचे और साथ में बहुत ज्यादा मजबूरी से बिल्कुल भी ना सुनवाई होने के कारण एक गिफ्ट भी लेकर गए, जिसमें पेपरो का रिम (कागजों का बंडल )और पिन का पैकेट कमिश्नर को देना चाहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया, गिफ्ट इसलिए देने गए कि आज जो स्ट्रीट लाइट की कमी और बड़ गिनती शो करना और  दो मोहल्ला में पूरी तरह से लाइट लग ना  बहुत जरूरी है, वहां पर एक भी पॉइंट नहीं लगा है, सलम एरिया होने के कारण, इन जगहों पर लाइट लगाना बहुत जरूरी है, बहुत बारी मौखिक तौर पर कहा गया, 10 /11 महीने से मांग पत्र दिया जा रहा हैं ,पर कोई भी किसी भी प्रकार की नगर निगम के ऑफिसर साहिबान सुनवाई नहीं कर रहे, इस मांग पत्र की भी सुनवाई न हुई तो, मैं अपने साथियों के साथ कमिश्नर कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठूंगा, मैं बहुत हैरान हूं के एक पूर्व पार्षद और एक प्रतिनिधि होते हुए भी इस तरह जलील किया जा रहा है, आम एक जालंधर के शहरी का क्या हाल होता होगा, नगर निगम में मैं हैरान हूं ,हमारे अफसर साहिबान इतनी बड़ी भी लापरवाही कर सकते हैं ,किसी लेटर का जवाब ही ना दे,  इतनी मनमर्जी और  लापरवाही तो किसी भी कार्यालय में नहीं होती ,और ना ही पहले कभी ऐसे देखने को मिली, नगर निगम के सीनियर अधिकारी इन चिट्ठी/ पत्रों कोई मतलब ही ना समझते होन, 
पी.एम और सी.एम के कार्यालय में किसी भी प्रकार की चिट्ठी/ पत्र भेजो उसका तो तुरंत जवाब आ जाता है, लेकिन हमारा जालंधर का नगर निगम का कार्यालय शायद उसके भी ऊपर हो गया है ,इसमें पंजाब में सबसे ज्यादा बदलाव जालंधर के नगर निगम में आ चुका है, सरकार भी लोग बनाते हैं और ऑफिसर साहिबान का वेतन भी लोगों द्वारा ही आता है,

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