सुरेन्द्र दुबे 9425179527( मध्य प्रदेश) 13 मार्च 2026। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने गुरुवार शाम प्रदेश के संभागायुक्तों एवं कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर जिलों में एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में घरेलू एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
मुख्य सचिव श्री जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए तथा उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गैस एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मांग के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में सिलेंडरों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि वाणिज्यिक (कमर्शियल) क्षेत्र में आवश्यकता पड़ने पर ईंधन के अन्य विकल्पों के प्रबंधकों से समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि व्यावसायिक गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर किसी भी प्रकार की अफवाहें ना फैलने पाएं, इसके लिए प्रभावी निगरानी रखी जाए और आवश्यक होने पर समय-समय पर सही जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना सामने आती है तो उसका तुरंत खंडन करते हुए तथ्यात्मक जानकारी साझा की जाए।
पेट्रोल, डीजल एवं घरेलू LPG की पर्याप्त एवं लगातार उपलब्धता है इसका मीडिया के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। LPG तथा अन्य पेट्रोलियम उत्पाद की कमी की अफवाहों को फैलने से रोका जाए। LPG की कालाबाजारी एवं जमाखोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाए। गैस एजेंसी / भंडार गृहों की सुरक्षा एवं निगरानी ।वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टाक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक इंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह। जहां PNG लाइन उपलब्ध है वहां PNG के कनेक्शन लेने हेतु प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन कार्यों में ज्यादा गैस खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने हेतु प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलों के कलेक्टरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की जानकारी भी साझा की तथा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। जिले से कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री मयंक अवस्थी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में नया LPG सिलेंडर 45 दिनों में ही बुक हो सकेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार गैस की जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है।
केंद्र के इस फैसले का असर मध्य प्रदेश के लाखों ग्रामीण गैस उपभोक्ताओं पर भी नजर आएगा। जहां उज्जवला योजना और सामान्य कनेक्शन मिलाकर बड़ी संख्या में परिवार LPG गैस पर निर्भर हैं। अब ग्रामीण परिवारों को एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 45 दिन का इंतजार करना होगा।
क्यों लेना पड़ा ये फैसला?
हाल के दिनों में LPG सिलेंडरों की अचानक ज्यादा बुकिंग और जमाखोरी देखने को मिली है। एमपी में भी कई गोदामों पर छापामारी की कार्रवाई की गई है। वहीं देशभर के कई राज्यों से जमाखोरी की खबरें आईं। कई जगह लोगों ने जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिए। जिससे वास्तविक जरूरत वाले उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा था। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई के कारण गैस की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
भोपाल
10 दिन में तीसरी बार बदला नियम
गैस बुकिंग के नियम कुछ दिनों से लगातार बदल रहे हैं। पहले दो सिलेंजर के बीच तय समय सीमा नहीं थी। 6 मार्च को पहली बार 21 दिन का गैप तय किया गया। इसके बाद इस गैप को बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया। अब ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन लॉक-इन समय लागू कर दिया गया है। हालांकि शहरी उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल यह अवधि 25 दिन ही रखी गई है



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