Sun, 26 Jul 2026

विभन्न संगठनों ने 27 जुलाई को बुलाई जालंधर बंद की कॉल, इस कारण लिया फैसला

भारत इंफो : दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना के विरोध में पंजाब के जालंधर शहर में भारी गुस्सा भड़क उठा है। इस बर्बर कार्रवाई के खिलाफ शहर के डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों की एक आपातकालीन बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में तीव्र निंदा की गई और सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 27 जुलाई 2026 (सोमवार) को संपूर्ण 'जालंधर बंद' रखा जाएगा।

संगठनों की आपातकालीन बैठक और व्यापारी वर्ग से अपील
बैठक में मौजूद सभी गणमान्य प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि देश का भविष्य कहे जाने वाले विद्यार्थियों की आवाज को कुचलने और दबाने के लिए बल का प्रयोग करना पूरी तरह से गैर-लोकतांत्रिक, अलोकतांत्रिक और बेहद निंदनीय है। इस दौरान संयुक्त रूप से शहर के सभी व्यापारियों, दुकानदारों, विभिन्न व्यावसायिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, छात्र समूहों और आम नागरिकों से पुरजोर अपील की गई है कि वे 27 जुलाई के इस बंद को सफल बनाने के लिए अपना पूर्ण सहयोग दें। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए इस तानाशाही और अत्याचार का एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।

एकजुट हुए प्रमुख सामाजिक और छात्र संगठन
इस अहम आपातकालीन बैठक में क्षेत्र के कई प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बंद को सफल बनाने की पूरी रणनीति तैयार की। इस विरोध प्रदर्शन और बैठक में भारतीय मूलनिवासी मुक्ति मोर्चा (BM3), सतगुरु कबीर टाइगर फोर्स, सामाजिक इंसाफ काउंसिल और स्टूडेंट संघर्ष मोर्चा सहित कई अन्य जनहितैषी और सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सभी संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि विद्यार्थियों की जायज मांगें जल्द नहीं मानी गईं और उन पर हुए इस क्रूर अत्याचार के खिलाफ उचित न्याय नहीं मिला, तो यह जन-आंदोलन और अधिक तेज किया जाएगा।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 184548