Thu, 22 Oct 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

सतलुज विवाद में कैप्टन अमरिंदर की एंट्री, बोले- दोनों पक्षों की सच्चाई सामने आनी चाहिए

पंजाबी अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर जारी विवाद के बीच पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बयानों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन पुरानी घटनाओं को वर्तमान में लोगों के बीच विभाजन पैदा करने के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू सोशल मीडिया पर क्लीन-शेव लोगों की पुरानी तस्वीरें और वीडियो साझा कर इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से हवा दे रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसे संवेदनशील मामलों को राजनीतिक या सामाजिक ध्रुवीकरण का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

दोनों पक्षों की सच्चाई सामने आनी चाहिए
फिल्म 'सतलुज' से जुड़े विवाद पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि अतीत की घटनाओं को केवल एक पक्ष के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के दौर में यदि हजारों लोगों की जान गई, तो बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी आतंकवाद से लड़ते हुए शहीद हुए और कई निर्दोष नागरिक भी हिंसा का शिकार बने। इसलिए पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सभी पहलुओं के साथ सामने आनी चाहिए।

फिल्म हटने के बाद बढ़ी लोगों की दिलचस्पी
कैप्टन ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि फिल्म को किसने हटाया, लेकिन ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद लोगों की इसमें रुचि पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को पंजाब में दिखाए जाने से भाजपा या कांग्रेस को कोई विशेष राजनीतिक लाभ नहीं होगा, जबकि कुछ अन्य राजनीतिक दल इस मुद्दे से फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं।

नई पीढ़ी को भड़काना खतरनाक
पूर्व मुख्यमंत्री ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लापता लोगों के मामलों से जुड़े साक्ष्य जुटा रहे थे और इसमें कुछ भी गलत नहीं था। उन्होंने कहा कि अतीत को स्वीकार करना और उससे सीख लेना जरूरी है, लेकिन पुरानी घटनाओं के आधार पर नई पीढ़ी को भड़काना समाज के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कैप्टन ने यह भी कहा कि आतंकवाद के कठिन दौर में पंजाब में हिंदू और सिख समुदाय एकजुट रहे थे तथा पूर्व पुलिस प्रमुख केपीएस गिल की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 234988

Share this Post