Thu, 22 Oct 2026
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जालंधर में वकीलों की हड़ताल जारी, पंजाब सरकार की LADCS पॉलिसी का विरोध तेज

जालंधर में जिला बार एसोसिएशन के वकीलों की हड़ताल लगातार जारी है। वकील पंजाब सरकार की लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) पॉलिसी का विरोध कर रहे हैं। इस हड़ताल के चलते अदालतों का कामकाज प्रभावित हुआ है। वकीलों का कहना है कि नई नीति अपराधियों को अनावश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराकर कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।

वकीलों ने सरकार की नीति पर उठाए सवाल

जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान आर.के. भल्ला ने कहा कि पंजाब के वकील सोमवार से हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि सरकार की नई नीति के तहत जेलों में बंद आरोपियों और दोषियों को मुफ्त में अनुभवी वकील उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उनका यह भी दावा है कि यदि किसी आरोपी के पास जमानत के लिए धन नहीं है तो सरकारी सहायता के माध्यम से उसे भी राहत मिल रही है। उनके अनुसार, इससे अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं।

सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप

आर.के. भल्ला ने कहा कि एक ओर सरकार अपराध दर्ज करती है और दूसरी ओर उसी व्यवस्था के तहत आरोपियों को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराती है। उन्होंने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि इस नीति से अपराधियों में कानून का डर कम हो रहा है। उनका कहना है कि इस प्रकार की नीति पहले कभी लागू नहीं की गई थी।

बिजली संकट को भी बनाया मुद्दा

बार एसोसिएशन ने वकीलों के चैंबरों में लगातार बिजली कटौती का मुद्दा भी उठाया है। आर.के. भल्ला के अनुसार, पिछले दो महीनों से कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। संबंधित अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे वकीलों को कामकाज में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो जारी रहेगी हड़ताल

बार एसोसिएशन ने सरकार के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम (LADCS) पॉलिसी को वापस लिया जाए और दूसरी, आम लोगों तथा वकीलों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। वकीलों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी।

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