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केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram पर उपलब्ध पायरेटेड फिल्मों और OTT कंटेंट के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कंपनी को नोटिस जारी कर ऐसे सभी चैनलों और ग्रुप्स को हटाने के निर्देश दिए हैं, जहां अवैध रूप से फिल्में, वेब सीरीज और अन्य डिजिटल कंटेंट साझा किया जा रहा है। सरकार ने कंपनी से 15 दिनों के भीतर इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
तीन दिन में दूसरा नोटिस, सरकार ने जताई नाराजगी
यह तीन दिनों के भीतर Telegram को मिला दूसरा सरकारी नोटिस है। इससे पहले 2 जुलाई को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म के यूजरनेम फीचर और यूजर्स की प्राइवेसी से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा था। लगातार मिल रहे नोटिसों से साफ है कि सरकार प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
शिकायत का इंतजार नहीं, खुद करे निगरानी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि Telegram केवल शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने तक सीमित नहीं रह सकता। कंपनी को ऐसा प्रभावी सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो पायरेटेड कंटेंट को प्लेटफॉर्म पर अपलोड होने से पहले ही रोक सके। मंत्रालय का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।
बार-बार नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सरकार ने Telegram को ऐसे चैनलों, ग्रुप्स, बॉट्स, अकाउंट्स और एडमिनिस्ट्रेटर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है, जो बार-बार कॉपीराइट का उल्लंघन कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इससे पहले भी 3,000 से अधिक Telegram चैनलों पर पायरेसी फैलाने के आरोप में कार्रवाई की जा चुकी है। सरकार ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं तो और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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