Fri, 31 Jul 2026
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श्री ननकाना साहिब के लिए भेजी गई गोल्डन पालकी, अटारी-वाघा बॉर्डर से हुई रवाना

श्री गुरु नानक देव जी के जन्मस्थान गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के लिए भारत से एक सुंदर और सुनहरे रंग की फाइबर पालकी साहिब अटारी-वाघा बार्डर के जरिए भेजी गई। यह पालकी साहिब संत महापुरुष बाबा दर्शन सिंह कुल्ली वालों की प्रेरणा से उनके सेवादार बाबा गुरदेव सिंह कुल्ली वालों की तरफ से तैयार करवाई गई है। 

विशेष रूप से तैयार की गई 
दरअसल यह विशेष रूप से तैयार की गई पालकी को पाकिस्तान की तरफ से अनुरोध किया गया है। सिंध में रहने वाले महेश सिंह के अनुरोध पर इसे तैयार किया गया। ताकि श्री ननकाना साहिब में स्थापित कर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए सुशोभित किया जा सके। इस अवसर पर धार्मिक श्रद्धा और सिख विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला।

ढाई लाख रुपए की बनाई गई है पालकी
इस सुंदर गोल्डन फाइबर पालकी साहिब की कीमत दो से ढाई लाख रुपए के बीच हैं। इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के जत्था लीडर भाई भूपिंदर सिंह भलवान ने कहा कि वाघा सीमा पर रमेश सिंह अरोड़ा तथा भाई महेश सिंह के सहयोगियों को यह पालकी साहिब औपचारिक रूप से सौंप दी जाएगी।

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