ਬਲਵੀਰ ਕੌਰ ਨੇ ਸ਼ਹੀਦ ਬਾਬੂ ਲਾਭ ਸਿੰਘ ਦੀ ਨਹਿਰ ਦੀ ਪੁਲੀ ਦੇ ਕੰਮ ਵਿੱਚ ਦੇਰੀ ਤੇ ਜ਼ਾਹਿਰ ਕੀਤੀ ਚਿੰਤਾ ।
पंजाब की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब शिरोमणि अकाली दल पुनर सुरजीत के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर खुद इसकी जानकारी दी। मनप्रीत अयाली के इस फैसले के बाद पंजाब की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि फिलहाल वह किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।
‘दिल्ली से चलने वाली पार्टियों में नहीं जाऊंगा’
वीडियो संदेश में मनप्रीत अयाली ने कहा कि वह किसी भी हालत में दिल्ली से संचालित होने वाली पार्टियों का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी दबाव क्यों न हो, वह बीजेपी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस या बादल दल जैसी पार्टियों में शामिल होने के बारे में नहीं सोच सकते। उनका उद्देश्य पंजाब और पंथ की सेवा करना है और वे अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेंगे।
पंथ की चढ़दी कला के लिए करेंगे काम
मनप्रीत अयाली ने आगे कहा कि आने वाले समय में सिख बुद्धिजीवियों और पंथ की भावनाओं के अनुसार जो भी फैसला लिया जाएगा, वह उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास पंथ की चढ़दी कला और पंजाब की भलाई के लिए काम करना रहेगा।उन्होंने गुरु साहिब से अरदास करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी सुमति मिले जिससे वे निस्वार्थ भाव से पंथ और पंजाब की सेवा कर सकें। साथ ही उन्होंने संगत का धन्यवाद भी किया।
पंजाब की राजनीति में बढ़ीं चर्चाएं
मनप्रीत अयाली के इस्तीफे को पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। उनके अगले कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि उन्होंने फिलहाल किसी भी पार्टी में शामिल होने की अटकलों को खारिज कर दिया है।

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