जालंधर का रहने वाला आकाश, जो पिछले 13 साल से न्यूजीलैंड में रह रहा था, आखिरकार 16 दिन बाद पंजाब लौट आया है। राज्यसभा सांसद और संत बलवीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से युवक की सुरक्षित घर वापसी संभव हो सकी।
आकाश ने बताया कि उसके पिता की गंभीर तबीयत खराब होने की सूचना मिलने के बाद उसने जल्दबाजी में भारत लौटने का फैसला लिया। हालांकि उसका पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका था और वीजा संबंधी दिक्कतों के चलते वह पासपोर्ट रिन्यू नहीं करवा पाया। इसके बाद उसने न्यूजीलैंड इमिग्रेशन से ट्रैवल डॉक्यूमेंट हासिल किया और 23 अप्रैल को भारत के लिए रवाना हो गया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर रोककर वापस भेजा
24 अप्रैल को जब आकाश दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा तो इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसके ट्रैवल डॉक्यूमेंट को अमान्य बताते हुए भारत में प्रवेश देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि आकाश ने विदेश में राजनीतिक शरण (पॉलिटिकल असाइलम) का केस लिया हुआ था, जिसके कारण उसकी वापसी में तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं। इसके बाद उसे उसी एयरलाइन, मलेशिया एयरलाइंस, के जरिए वापस भेज दिया गया।
6 दिन एयरपोर्ट और 10 दिन डिटेंशन सेंटर में गुजारे
भारत से वापस भेजे जाने के बाद आकाश मलेशिया एयरपोर्ट पर फंस गया। उसने करीब 6 दिन एयरपोर्ट पर बिताए, जबकि 10 दिन डिटेंशन सेंटर में रखा गया। इस दौरान न तो न्यूजीलैंड प्रशासन उसे वापस लेने को तैयार था और न ही वह भारत लौट पा रहा था।
आकाश ने अपनी परेशानी को लेकर एक वीडियो भी जारी किया, जिसके बाद उसके पिता राजेश कुमार ने संत बलवीर सिंह सीचेवाल से संपर्क कर बेटे की सुरक्षित वापसी की अपील की।
संत सीचेवाल के प्रयासों से हुई घर वापसी
मामले की जानकारी मिलने के बाद संत बलवीर सिंह सीचेवाल ने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय से संपर्क किया। उनके प्रयासों के बाद आकाश के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी हुई और आखिरकार वह सुरक्षित पंजाब लौट आया। परिवार ने बेटे की वापसी पर संत सीचेवाल का आभार व्यक्त किया।

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