Thu, 22 Oct 2026
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7.55 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 3 पंजाबी दोषी करार, सजा के बाद होंगे डिपोर्ट

न्यूज़ीलैंड की ऑकलैंड कोर्ट ने ठगी के बड़े मामले में तीन पंजाबी युवकों को 4-4 साल की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला करीब 8 लाख न्यूजीलैंड डॉलर यानी लगभग 7.55 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में सुनाया। दोषियों की पहचान परगट भंगू (24), गुरविंदर सिंह (22) और हरमनदीप सिंह (23) के रूप में हुई है। अदालत ने साफ किया है कि जेल की सजा पूरी होने के बाद तीनों को भारत डिपोर्ट किया जाएगा। वहीं इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को पहले ही 2-2 साल की सजा सुनाई जा चुकी है।

बैंक अधिकारी बनकर बुजुर्गों को बनाया निशाना
जांच के अनुसार आरोपियों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाया। उन्होंने फोन कॉल्स के जरिए 28 बुजुर्गों से उनके बैंक कार्ड और पिन नंबर हासिल कर लिए। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग समय पर खातों से रकम निकालनी शुरू कर दी। जब पीड़ितों को अपने खातों से पैसे गायब होने का पता चला तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

CCTV और कॉल रिकॉर्ड से पकड़े गए आरोपी
शिकायत मिलने के बाद न्यूज़ीलैंड पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड्स की मदद से आरोपियों की पहचान हुई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यह मामला 2024 से कोर्ट में चल रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे ठगी नेटवर्क का मुख्य मास्टरमाइंड परगट भंगू था।

वर्क और स्टूडेंट वीजा पर पहुंचे थे न्यूज़ीलैंड
जानकारी के मुताबिक तीनों आरोपी पंजाब से न्यूज़ीलैंड वर्क और स्टूडेंट वीजा पर गए थे। लेकिन वहां जाकर उन्होंने ठगी का नेटवर्क खड़ा कर लिया। कोर्ट ने 4 मई को सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

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