विश्लेषण: 'आम आदमी' की सरकार का 'VVIP' आयोजन, सड़कों पर रुलती रही आस्था
आज की गुस्ताख़ी
09.04.2026
एक नेता जी ने
खूब भ्रष्टाचार फैलाया
एक सज्जन पुरुष ने उनसे पूछा-
"क्या आपको
भ्रष्टाचार फैलाते शर्म नहीं आती ?"
वह बोले-
"शर्म तो हमें
बहुत
आती है,
मगर क्या करें
यह कुर्सी हमसे "सब कुछ' करवाती है
--- गुस्ताख़
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