विश्लेषण: 'आम आदमी' की सरकार का 'VVIP' आयोजन, सड़कों पर रुलती रही आस्था
पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा सुसाइड मामले में अब सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ चंडीगढ़ में जोरदार प्रदर्शन किया। हालात काबू में रखने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
जाखड़, बाजवा और मजीठिया हिरासत में
प्रदर्शन शुरू होते ही चंडीगढ़ में माहौल तनावपूर्ण हो गया। जैसे ही प्रदर्शनकारी सरकारी आवास की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई बड़े नेताओं को हिरासत में लिया। इनमें सुनील जाखड़, प्रताप बाजवा और बिक्रम मजीठिया शामिल हैं। इन नेताओं की गिरफ्तारी के बाद प्रदर्शन और तेज हो गया।
न्याय के लिए एकजुट हुआ विपक्ष
हिरासत में लिए जाने के दौरान बिक्रम मजीठिया ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ राजनीति की नहीं, बल्कि इंसानियत की है। उन्होंने पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की तुरंत गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराने की मांग उठाई। वहीं प्रताप बाजवा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि FIR दर्ज करने में हुई देरी से सरकार की मंशा पर संदेह होता है। बाजवा ने यह भी कहा कि अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के बावजूद सभी दल आज ‘पंजाबियत’ और न्याय की लड़ाई के लिए एक मंच पर खड़े हैं।
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