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मशहूर बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर सुनिधि चौहान इन दिनों अपने लाइव परफॉर्मेंस को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं, लेकिन उनके आगामी गोवा कॉन्सर्ट को लेकर एक कानूनी अड़चन सामने आई है। सुनिधि के गानों पर झूमने वाले फैंस के लिए यह खबर थोड़ी चौंकाने वाली हो सकती है क्योंकि प्रशासन ने उनके कुछ बेहद लोकप्रिय गानों को लेकर सख्त हिदायत जारी की है। यह पूरा मामला गायक के 25 जनवरी को होने वाले शो से जुड़ा है, जिसके गानों की लिस्ट पर अब जिला प्रशासन की नजर है।
प्रोफेसर की शिकायत और युवाओं पर प्रभाव का तर्क
इस विवाद की शुरुआत चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. पंडितराव धरेन्नावर द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई है। डॉ. धरेन्नावर ने अपनी शिकायत में तर्क दिया है कि सुनिधि के कुछ गानों में शराब और तंबाकू का महिमामंडन किया गया है, जो युवाओं और बच्चों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। उन्होंने मांग की थी कि सार्वजनिक मंचों पर ऐसे गीतों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उनकी इसी चिंता को गंभीरता से लेते हुए गोवा के जिला प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाए हैं।
प्रशासन की सख्त एडवाइजरी और आयोजकों को निर्देश
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दक्षिण गोवा जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) ने कार्यक्रम के आयोजकों को एक प्रिवेंटिव एडवाइजरी भेजी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चूंकि इस कॉन्सर्ट में 5 साल से ऊपर के बच्चों को भी प्रवेश दिया जा रहा है, इसलिए उनकी मौजूदगी में ऐसे गाने नहीं गाए जा सकते जो नशीले पदार्थों को प्रमोट करते हों। अधिकारियों का मानना है कि बच्चों के हित को सर्वोपरि रखते हुए यह प्रतिबंध जरूरी है ताकि उन्हें गलत आदतों की प्रेरणा न मिले।
इन लोकप्रिय गानों को लेकर जताया गया ऐतराज
एडवाइजरी में विशेष रूप से सुनिधि चौहान के दो हिट गानों, ‘बीड़ी जलाई ले’ और ‘शराबी’ का उल्लेख किया गया है। प्रशासन के अनुसार, ये गाने तंबाकू और शराब के उपयोग को ग्लैमरस तरीके से पेश करते हैं। जिला प्रशासन ने आयोजकों को साफ निर्देश दिया है कि कार्यक्रम के दौरान इन गानों या इनके जैसे किसी भी अन्य उत्तेजक सामग्री का प्रदर्शन न किया जाए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सुनिधि अपने इस कॉन्सर्ट की प्लेलिस्ट में क्या बदलाव करती हैं।






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