राकेश राठौर ने राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ का अपने निवास स्थान पहुंचने पर किया पुष्पित अभिनंदन ।
News Riders Tv : 'तुम जहां से भी घुसने की कोशिश करोगे,आसमान से, जमीन से, समंदर से, सामने एक हिंदुस्तान फौजी खड़ा पाओगे।' फिल्म में सनी देओल का गरजता-बरसता डायलॉग इसके मूड और मिजाज को दर्शाने के लिए काफी है। आज से तकरीबन 30 साल पहले आई जेपी दत्ता की 'बॉर्डर' की कहानी को आगे बढ़ाते हुए फिल्म बताती है कि इंडिया-पाकिस्तान की 1971 की जंग सिर्फ लोंगेवाला नहीं, बल्कि जल, थल और वायु, तीनों मोर्चों पर लड़ी गई थी।
निर्देशक अनुराग सिंह की यह फिल्म सिर्फ एक वॉर ड्रामा और शूर-वीरता को ही नहीं दर्शाती, बल्कि यह सीमा पर लड़ने वाले सैनिकों और उनके परिवार के मानवीय पहलुओं की भी पड़ताल करती है'तुम जहां से भी घुसने की कोशिश करोगे,आसमान से, जमीन से, समंदर से, सामने एक हिंदुस्तान फौजी खड़ा पाओगे।' फिल्म में सनी देओल का गरजता-बरसता डायलॉग इसके मूड और मिजाज को दर्शाने के लिए काफी है। आज से तकरीबन 30 साल पहले आई जेपी दत्ता की 'बॉर्डर' की कहानी को आगे बढ़ाते हुए फिल्म बताती है कि इंडिया-पाकिस्तान की 1971 की जंग सिर्फ लोंगेवाला नहीं, बल्कि जल, थल और वायु, तीनों मोर्चों पर लड़ी गई थी।
निर्देशक अनुराग सिंह की यह फिल्म सिर्फ एक वॉर ड्रामा और शूर-वीरता को ही नहीं दर्शाती, बल्कि यह सीमा पर लड़ने वाले सैनिकों और उनके परिवार के मानवीय पहलुओं की भी पड़ताल करती है।






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