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प्रयागराज में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जहां भारतीय सेना का एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट अनियंत्रित होकर शहर के बीचों-बीच स्थित एक तालाब में गिर गया। यह घटना केपी कॉलेज के पीछे स्थित तालाब में हुई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। विमान के अचानक डगमगाने और क्रैश होने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े।
स्थानीय लोगों की वजह से बची तीन जवानों की जान
जैसे ही विमान तालाब में गिरा, वहां मौजूद साहसी स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। ग्रामीणों और चश्मदीदों की मदद से विमान में सवार तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बचाए गए तीनों व्यक्ति सेना की वर्दी में थे। हालांकि, अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि विमान में कुल कितने लोग सवार थे, लेकिन शुरुआती तौर पर तीन लोगों के सुरक्षित होने की खबर राहत भरी है।
चश्मदीदों ने बताया आंखों देखा मंजर
हादसे के समय पास ही के एक स्कूल में बच्चे अपना प्रैक्टिकल दे रहे थे। चश्मदीद मोहम्मद शाबिर के अनुसार, अचानक एक बहुत तेज आवाज सुनाई दी और आसमान में लाल रंग का सिग्नल दिखाई दिया। इसके कुछ ही मिनटों बाद विमान से पैराशूट खुलते हुए देखे गए और विमान तेजी से केपी कॉलेज के पीछे वाले तालाब में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विमान हवा में ही असंतुलित दिखाई दे रहा था और पायलट ने रिहायशी इलाके से बचाते हुए उसे तालाब की ओर मोड़ने का प्रयास किया होगा।
प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर मौजूद
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल पूरी टीम हालात का जायजा ले रही है और राहत कार्य जारी है। सेना के अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं ताकि हादसे के तकनीकी कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने फिलहाल आम जनता को घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है ताकि जांच और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।






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