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पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर जातिगत बयानबाजी को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जट्ट सिख बनाम दलित मुद्दे को लेकर उठे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। चन्नी ने स्पष्ट किया है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और यह सब उनके खिलाफ भ्रामक प्रचार का हिस्सा है।
“मैं जाति नहीं, समानता की राजनीति करता हूं”: चन्नी
चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि वह गुरु साहिबान के उस सिद्धांत में विश्वास रखते हैं, जिसमें कहा गया है—“मानस की जाति सबै एकै पहचानबो।” उन्होंने साफ किया कि उन्होंने किसी भी बैठक या मंच पर कभी जाति या बिरादरी के आधार पर कोई टिप्पणी नहीं की। चन्नी ने कहा कि वह चमकौर साहिब की धरती से जुड़े हैं और उनकी सोच में किसी भी वर्ग के खिलाफ बोलने की कोई जगह नहीं है।
पार्टी ने जो जिम्मेदारियां दीं, उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाया
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी का धन्यवाद करते हुए कहा कि पार्टी ने उन्हें हमेशा बड़े और अहम पदों पर जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि इन पदों पर रहते हुए उन्होंने जनता की आवाज को मजबूती से उठाया। चन्नी ने बताया कि संसद के भीतर उन्होंने सिख समुदाय, पंजाब के हितों, किसानों और खेत मजदूरों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखा है।
हर वर्ग को साथ लेकर चलने की बात
चन्नी ने कहा कि वह समाज के हर वर्ग के हक की बात करते हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री के विरोध का सामना किया, लेकिन कभी ऐसा नहीं होने दिया कि किसी किसान या मजदूर पर कार्रवाई हो। उन्होंने पंजाब को एक गुलदस्ते की तरह बताते हुए कहा कि इसकी खूबसूरती तभी बनी रहेगी, जब सभी वर्गों को साथ लेकर चला जाए। उनके अनुसार, यही सोच पार्टी को मजबूत करेगी और सत्ता तक पहुंचने का रास्ता खोलेगी।
बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप
चरणजीत सिंह चन्नी ने एक बार फिर दोहराया कि उनके खिलाफ जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि उनके बयानों को जानबूझकर गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है, जबकि उनका उद्देश्य सिर्फ कांग्रेस पार्टी और पंजाब की मजबूती है।






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