अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर से ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर दी गई धमकियों के बाद यूरोपीय देश एकजुट होते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में कई NATO सदस्य देशों ने ग्रीनलैंड में “ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस” नाम से एक संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इस अभ्यास को आर्कटिक क्षेत्र में सामरिक मजबूती और सहयोग का संकेत माना जा रहा है।
फ्रांस और जर्मनी ने भेजे सैनिक
इस सैन्य अभ्यास के तहत फ्रांस ने अपनी 27वीं माउंटेन इन्फैंट्री ब्रिगेड के 15 सैनिक ग्रीनलैंड भेजे हैं। जर्मनी की ओर से 13 सैनिकों की एक विशेष टीम को तैनात किया गया है। इसके अलावा नॉर्वे, नीदरलैंड और फिनलैंड ने दो-दो सैन्य कर्मी इस मिशन में शामिल किए हैं।
ब्रिटेन और स्वीडन की भागीदारी
ब्रिटेन ने इस ऑपरेशन के लिए एक सैन्य अधिकारी को ग्रीनलैंड भेजा है। वहीं स्वीडन ने भी सैनिकों की तैनाती की पुष्टि की है, हालांकि उनकी संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। डेनमार्क के पहले से मौजूद सैनिकों के अलावा यूरोपीय देशों से कुल मिलाकर करीब 35 से 40 सैन्य कर्मी ग्रीनलैंड पहुंच चुके हैं।
इटली ने उड़ाया ऑपरेशन का मजाक
जहां एक ओर यूरोपीय देश इस सैन्य अभ्यास को गंभीर रणनीतिक कदम बता रहे हैं, वहीं इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेत्तो ने पूरे ऑपरेशन को मजाक जैसा करार दिया है। उनके बयान से NATO के भीतर इस मुद्दे पर मतभेद भी उजागर हुए हैं। हालांकि, सैन्य अभ्यास फिलहाल तय कार्यक्रम के अनुसार जारी है।






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