Thu, 30 Apr 2026
G2M देता है आप की कलम आपके हाथ Journalists are invited to Join us on Gateway2media.com G2M देता है आप की कलम आपके हाथ Journalists are invited to Join us on Gateway2media.com

सुप्रीम कोर्ट में कुत्तों पर सुनवाई : ‘गलियों से हटाए तो चूहे बढ़ जाएंगे’

सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्या पर सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प और महत्वपूर्ण टिप्पणी सामने आई है। मामले की सुनवाई कर रही पीठ के जस्टिस ने अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए कहा कि कुत्ते अक्सर इंसानों के भीतर छिपे डर को भांप लेते हैं और कई बार काटने या हमला करने की घटनाएं इसी वजह से होती हैं। कोर्ट का यह अवलोकन उस समय आया जब देश के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्तों के आतंक और उनसे होने वाली मौतों के मामलों पर गंभीर बहस चल रही थी।

चूहों की बढ़ती आबादी और बिल्लियों का तर्क
सुनवाई के दौरान एनिमल वेलफेयर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने दलील दी कि पारिस्थितिक तंत्र में कुत्तों की अपनी भूमिका है। उन्होंने कहा कि यदि गलियों से आवारा कुत्तों को पूरी तरह से हटा दिया गया, तो चूहों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है।

इस दलील पर अदालत ने चुटकी लेते हुए सवाल किया कि क्या फिर चूहों को नियंत्रित करने के लिए सड़कों पर बिल्लियां लाई जानी चाहिए। वकील ने यह भी तर्क दिया कि कुत्तों को बड़ी संख्या में एक ही शेल्टर होम में बंद रखने से उनमें बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए देशभर में लगभग 91,800 नए डॉग शेल्टर बनाने की आवश्यकता है।

मॉनिटरिंग में भारी लापरवाही और डेटा का अभाव
कुत्तों की बढ़ती आबादी को लेकर सीनियर एडवोकेट ध्रुव मेहता ने अदालत का ध्यान एक गंभीर चूक की ओर आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि आवारा कुत्तों की आखिरी आधिकारिक मॉनिटरिंग साल 2009 में की गई थी। उस समय केवल दिल्ली में ही 5.60 लाख आवारा कुत्ते दर्ज थे, जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा कई गुना बढ़ चुका है। मेहता ने तर्क दिया कि बिना सटीक डेटा और नियमित मॉनिटरिंग के इस संकट का समाधान निकालना संभव नहीं है। उन्होंने सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी प्रणाली की मांग की।

7 महीने में 6 बार हुई सुनवाई
गौरतलब है कि पिछले सात महीनों के भीतर इस संवेदनशील मुद्दे पर छह बार सुनवाई हो चुकी है। बीते वर्ष नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाया जाए। अदालत ने स्थानीय प्रशासन को इन कुत्तों को सुरक्षित शेल्टरों में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था।


32

Share News

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 154853