जालंधर भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान अब सड़कों पर आ गई है। इलाके में अपना वर्चस्व कम होते देख एक भाजपा नेता इस कदर आपा खो बैठे कि उन्होंने पार्टी के जिला प्रधान के साथ न केवल अभद्र शब्दावली का प्रयोग किया, बल्कि उनके साथ हाथापाई करने की कोशिश भी की।
यह विवाद उस समय और गहरा गया जब वहां मौजूद एक पूर्व विधायक ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी नेता ने उनके साथ भी बहस शुरू कर दी।
पूर्व विधायक के साथ तीखी नोकझोंक
घटना के दौरान जब पूर्व विधायक ने उक्त नेता को (जो पहले दूसरी पार्टी के विधायक रह चुके हैं) शांत करने की कोशिश की, तो मामला सुलझने के बजाय और बिगड़ गया। नेता की बदतमीजी देख पूर्व विधायक का गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच गया और दोनों ओर से जमकर गाली-गलौज हुई।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि मौके पर मौजूद गनमैनों को बीच में कूदना पड़ा ताकि दोनों पक्षों को शारीरिक टकराव से रोका जा सके। इसके बावजूद, आरोपी नेता ने वहां मौजूद पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के प्रति भी बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल जारी रखा।
सुनील जाखड़ की रैली के बाद होगा फैसला
इस घटना के बाद जालंधर भाजपा के पुराने और दिग्गज नेताओं में भारी रोष व्याप्त है। पार्टी के कैडर ने एकजुट होकर इस व्यवहार की कड़ी निंदा की है। सूत्रों के मुताबिक, वीरवार को सुनील जाखड़ की रैली संपन्न होने के तुरंत बाद सभी वरिष्ठ नेता एकजुट होकर इस नेता को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की मांग करेंगे।
भाजपा के सीनियर नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस संबंध में शुक्रवार को पार्टी हाईकमान से औपचारिक बात कर आरोपी नेता के निष्कासन की सिफारिश की जाएगी।






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