Thursday, 29 Jan 2026

माइनस 23 डिग्री में इंसानियत की जीत, कनाडा में पंजाबी ड्राइवर ने टैक्सी में बचाई दो जिंदगियां

कनाडा में रहने वाले पंजाबी टैक्सी ड्राइवर हरदीप सिंह तूर ने इंसानियत और बहादुरी की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। हरदीप सिंह तूर ने बर्फीले तूफान और बेहद खराब मौसम के बीच अपनी जान की परवाह किए बिना एक गर्भवती महिला को समय रहते अस्पताल पहुंचाया। महिला सुरक्षित है और उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया है।

कई साल से कनाडा में टैक्सी चला रहे हैं हरदीप
हरदीप सिंह तूर ने बताया कि वह कई वर्षों से कनाडा में टैक्सी चला रहे हैं। उन्हें इस बात का गर्व है कि उन्होंने समय पर एक जरूरतमंद महिला की मदद की। हरदीप का कहना है कि महिला और बच्ची दोनों सुरक्षित हैं, यही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने इसे वाहेगुरु की कृपा बताते हुए कहा कि शायद उन्हें इसी मकसद के लिए वहां भेजा गया था।

इमरजेंसी कॉल ने बदल दिया फैसला
हरदीप सिंह तूर ने बताया कि वह कैलगरी में टैक्सी चला रहे थे, तभी देर रात अस्पताल के लिए एक इमरजेंसी कॉल आई। उसी समय उनके पास एक और सवारी की कॉल भी थी, लेकिन दिल ने कहा कि इमरजेंसी कॉल को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनके मन में यही चल रहा था कि सामने वाले को उनकी मदद की कितनी ज्यादा जरूरत होगी।

महिला दर्द में थी, हालात बेहद गंभीर
जब हरदीप महिला और उसके पति को लेने पहुंचे, तो महिला तेज दर्द में थी और चिल्ला रही थी। उसे डिलिवरी पेन हो रही थी। उस समय तापमान माइनस 23 डिग्री सेल्सियस था और बर्फीला तूफान चल रहा था। सड़कें बेहद फिसलन भरी थीं, लेकिन हरदीप का पूरा ध्यान सिर्फ महिला को सुरक्षित और जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने पर था।

बर्फीली सड़कों पर 29 मिनट का संघर्ष
महिला को पीटर लाउहीड सेंटर अस्पताल ले जाना था, जहां पहुंचने में सामान्य तौर पर 29 मिनट लगते हैं। खराब मौसम के बावजूद हरदीप ने तेजी और सावधानी के साथ टैक्सी चलाई। महिला को टैक्सी की पिछली सीट पर लिटाया गया था। हरदीप को उम्मीद थी कि वह समय रहते अस्पताल पहुंच जाएंगे और उन्होंने पूरी ताकत इसी पर लगा दी।

टैक्सी की पिछली सीट पर हुआ बच्ची का जन्म
जब टैक्सी अस्पताल से कुछ ही मीटर की दूरी पर थी, तभी पीछे से बच्चे के रोने की आवाज आई। यह आवाज हरदीप के लिए बेहद सुकून देने वाली थी। महिला ने टैक्सी की पिछली सीट पर ही एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद हरदीप टैक्सी को सीधे अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर ले गए।

अस्पताल में तुरंत मिला इलाज
अस्पताल पहुंचते ही हरदीप ने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि टैक्सी में ही डिलीवरी हुई है और मां-बच्चे को तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत है। उनकी बात सुनते ही अस्पताल स्टाफ ने तुरंत कार्रवाई की और मां-बच्चे को अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

बच्ची के पिता ने जताया आभार
हरदीप सिंह तूर ने बताया कि बच्ची के पिता बेहद खुश थे और उन्होंने सुरक्षित यात्रा के लिए उनका दिल से धन्यवाद किया। हालांकि व्यस्तता के कारण वह बच्ची का नाम नहीं जान पाए, लेकिन उन्हें यह जरूर बताया गया कि नवजात एक स्वस्थ बच्ची है। इस घटना के बाद हरदीप रातों-रात चर्चा में आ गए हैं और लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।
 


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