नए साल के स्वागत के लिए माता वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर कड़े कदम उठाने पड़े। बुधवार को माता के भवन के पास भक्तों की संख्या इतनी अधिक हो गई कि पिछले 24 घंटों से निरंतर चल रही यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने की नौबत आ गई। जानकारी के अनुसार, करीब 40,000 से अधिक यात्री एक साथ भवन पहुंच गए थे, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं को कटरा में ही रुकने के निर्देश दिए गए।
धाम में बढ़ता दबाव और सुरक्षा चुनौतियां
नववर्ष के अवसर पर देशभर के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं की वजह से जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी धाम में अभूतपूर्व भीड़ देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी कतारें लगी हुई हैं और कई स्थानों पर पैर रखने तक की जगह शेष नहीं बची है। यात्रियों की इस निरंतर बढ़ती संख्या के कारण न केवल दर्शनों में कठिनाई आ रही है, बल्कि सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना भी श्राइन बोर्ड और स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
यात्रा पंजीकरण पर लगी अस्थायी रोक
वर्तमान परिस्थितियों और भक्तों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बोर्ड ने भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से यात्रा के लिए होने वाले नए पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) को फिलहाल रोक दिया है। यह प्रतिबंध 1 जनवरी की सुबह तक प्रभावी रहेगा। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो श्रद्धालु पहले से रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं या यात्रा मार्ग पर मौजूद हैं, उन्हें बिना किसी अव्यवस्था और खतरे के सुरक्षित दर्शन कराए जा सकें।
पर्यटन स्थलों पर भी दिखा भारी जमावड़ा
भीड़ का यह असर केवल वैष्णो देवी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे श्रीनगर, गुलमर्ग और सोनमर्ग में भी सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। नए साल का जश्न मनाने के लिए लोग बड़ी संख्या में इन क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं। देश के लगभग सभी प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्रों पर इसी तरह की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते प्रशासन को अतिरिक्त सावधानी बरतने और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम करने पड़ रहे हैं।






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