Thursday, 29 Jan 2026

आपके खाते में सरकारी पैसे आए हैं' कहकर ठगा जा रहा अपनाए जा रहे ठगी के नए-नए तरीके, सरकारी फंड, बिजली बिल व बैंक खाता अपडेट के नाम पर दिया जा रहा झांसा पढ़ें पूरी खबर 

आपके खाते में सरकारी पैसे आए हैं' कहकर ठगा जा रहा

अपनाए जा रहे ठगी के नए-नए तरीके, सरकारी फंड, बिजली बिल व बैंक खाता अपडेट के नाम पर दिया जा रहा झांसा

पढ़ें पूरी खबर 

 

जालंधर (राजन) : जालंधर में आनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ठग अब नए-नए बहानों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कभी बैंक खाता गलत होने का डर दिखाया जाता है, तो कभी बिजली का बिल बकाया बताकर लिंक भेजा जाता है। अब साइबर ठगों ने एक नया तरीका अपनाया है, सरकारी फंड या सरकारी हाल खाता से पैसे निकाल लोगों को ही में जालंधर की एक महिला के साथ ऐसा ही मामला सामने आया, जिसमें एक मैसेज पर भरोसा करना उसे भारी पड़ गया।

जालंधर के अली मोहल्ला में रहने वाली पीड़ित महिला के मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि आपके खाते में सरकार की ओर से पैसे भेजे गए हैं, इन्हें पाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें और एप डाउनलोड करें। मैसेज देखकर महिला को लगा कि शायद किसी सरकारी योजना का पैसा आया है। जैसे ही उसने लिंक पर क्लिक - किया और बताए अनुसार प्रक्रिया पूरी की, कुछ ही मिनटों में उसके बैंक खाते से नौ हजार रुपये निकल गए। ये पैसे महिला ने किट्टी डालने के लिए संभालकर रखे थे। अचानक खाते से पैसे कटने का मैसेज आते ही महिला घबरा गई। हालांकि इस मामले में महिला के स्वजनों ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई, लेकिन उन्होंने बताया कि इसी महिला की एक और परिचित को भी ऐसा ही मैसेज आया था, जिसमें सरकारी पैसे आने की बात कही गई थी। उस महिला ने भी लिंक पर क्लिक किया और उसके खाते से पांच हजार रुपये निकाल लिए गए। इससे साफ है कि साइबर ठग एक ही तरह का मैसेज कई लोगों को भेजकर उन्हें शिकार बना रहे हैं।

 

पिछले एक साल में सामने आए कई मामले

 

पहला मामला

करीब छह महीने पहले जालंधर के एक बुजुर्ग को बैंक अधिकारी बनकर फोन आया। काल करने वाले ने कहा कि उनका बैंक खाता अपडेट नहीं है और जल्द बंद हो सकता है। डर के मारे बुजुर्ग ने फोन पर ही ओटीपी बता दिया। कुछ ही देर में उनके खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए गए। बाद में बैंक जाकर पता चला कि यह पूरी तरह से ठगी थी।

 

दूसरा मामला

शहर के एक निजी स्कूल में काम करने वाली महिला को बिजली विभाग के नाम से काल आई। काल करने वाले ने कहा कि उसका बिजली बिल बकाया है और अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। महिला को एक लिंक भेजा गया। जैसे ही उसने लिंक पर क्लिक किया, उसके खाते से 12 हजार रुपये कट गए।

 

तीसरा मामला

पिछले साल के अंत में जालंधर के एक युवक को केवाईसी अपडेट के नाम पर मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि अगर 24 घंटे में केवाईसी अपडेट नहीं किया तो उसका मोबाइल नंबर बंद हो जाएगा। युवक ने लिंक खोलकर अपनी जानकारी डाल दी। इसके बाद उसके खाते से 40 हजार रुपये उड़ गए।

 

चौथा मामला

एक घरेलू महिला को वाट्सएप पर लाटरी जीतने का मैसेज मिला। भरोसा दिलाने के लिए ठगों ने फर्जी दस्तावेज भी भेजे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर महिला से अलग-अलग किश्तों में करीब 18 हजार रुपये ठग लिए गए। बाद में संपर्क पूरी तरह से टूट गया।

 

महिलाएं और बुजुर्ग क्यों बन रहे हैं आसान शिकार?

महिलाएं व बुजुर्ग अक्सर सरकारी योजनाओं, बैंक या बिल से जुड़े मैसेज पर जल्दी भरोसा कर लेते हैं, जिसका ढंग फायदा उठाते हैं। सरकारी फंड या सहायता का नाम सुनते ही लोग बिना जांच-पड़ताल के लिंक पर क्लिक कर देते हैं, जो उनके मोबाइल में एप या वायरस इंस्टाल कर देता है। इसके बाद ठग सारी जानकारी हासिल कर लेते हैं।

जालंधर पुलिस और साइबर सेल लगातार लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रही है। कोई भी सरकारी विभाग या बैंक कभी भी लिंक भेजकर पैसे डाउनलोड करने या ओटीपी साझा करने को नहीं कहता। अगर किसी को ऐसा मैसेज या काल आए, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं।

धनप्रीत कौर, पुलिस कमिश्नर।


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