पंजाब के मोहाली में हुए कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया हत्याकांड में मोहाली के एसएसपी रमनदीप सिंह हंस ने बड़ा खुलासा किया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि यह हत्या कबड्डी जगत पर नियंत्रण करने और अपना वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस कत्ल का सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से कोई सीधा संबंध नहीं है, बल्कि गैंगस्टरों ने अपनी इस करतूत को सही ठहराने और सहानुभूति बटोरने के लिए मूसेवाला के नाम का इस्तेमाल किया है।
शूटरों की पहचान और गैंग कनेक्शन
एसएसपी ने जानकारी दी कि इस हमले को तीन शूटरों ने अंजाम दिया है। जांच में पता चला है कि लक्की पटियाल के गुर्गों ने इस वारदात को अंजाम दिया। गोली चलाने वाले मुख्य आरोपियों की पहचान अमृतसर निवासी आदित्य कपूर उर्फ मक्खन और करण पाठक के रूप में हुई है। पुलिस को तीसरे शूटर के बारे में भी सुराग मिल गए हैं, लेकिन जांच प्रभावित न हो इसलिए अभी उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। आदित्य कपूर और करण पाठक डोनी बल गैंग से जुड़े हैं, जो बंबीहा ग्रुप का ही हिस्सा माना जाता है। रिकॉर्ड के मुताबिक आदित्य पर पहले से 15 और करण पर 2 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मनकीरत औलख नहीं थे निशाना
पंजाबी गायक मनकीरत औलख को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए एसएसपी ने कहा कि हमलावरों का निशाना मनकीरत औलख नहीं थे। शूटर सिर्फ और सिर्फ राणा बलाचौरिया को मारने के इरादे से ही वहां पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, राणा बलाचौरिया को गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के करीबी के तौर पर देखा जाता था, जो बंबीहा गैंग का विरोधी गुट है। शूटरों को ग्राउंड सपोर्ट देने वाले 2-3 अन्य संदिग्धों की भी पहचान की जा रही है।
सेल्फी के बहाने पास आए और मार दी गोली
बता दें कि सोमवार को शाम को मोहाली के सोहाना साहिब में चल रहे टूर्नामेंट के दौरान हमलावर बोलेरो और बाइक पर सवार होकर आए थे। वहां पुलिस सुरक्षा तैनात थी और टूर्नामेंट की अनुमति भी ली गई थी। इसके बावजूद, हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर सेल्फी लेने के बहाने राणा बलाचौरिया के करीब पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। सिर में गोली लगने से राणा गंभीर रूप से घायल हो गए थे और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए।






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