पंजाब में किसानों द्वारा 26 जगहों पर रेलवे ट्रैक पर धरना देने का ऐलान किया गया था। दोपहर 1 से 3 बजे तक दो घंटे के लिए निर्धारित इस प्रदर्शन का असर अभी तक ट्रेनों की आवाजाही पर नहीं दिखा है। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सभी प्रवेश द्वारों को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया है।
कैंट स्टेशन पर किसान नेता मनजीत राय को रोका गया
धरने के ऐलान को देखते हुए किसान नेता मनजीत राय कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें स्टेशन के बाहर ही रोक दिया। इसके बाद किसान वहीं धरना लगाने पर अड़ गए। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए स्टेशन परिसर में किसी भी आम व्यक्ति का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
किसानों और पुलिस में धक्का-मुक्की, कई डिटेन
किसानों को जबरन स्टेशन में प्रवेश करने से रोकने पर पुलिस और किसानों के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में ले लिया और बसों में बैठाकर ले गई। मनजीत राय को भी पुलिस ने डिटेन किया है।
पुलिस का कहना है कि किसी को भी माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
डीसीपी का बयान: ट्रैक जाम करने की अनुमति नहीं
डीसीपी डोगरा ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्थिति में किसानों को रेलवे ट्रैक जाम करने या ट्रेन रोकने की इजाजत नहीं होगी। उनका कहना है कि ट्रेनें रुकने से आम जनता को बड़ी परेशानी हो सकती है, इसलिए किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
क्यों कर रहे हैं किसान प्रदर्शन?
- बिजली संशोधन बिल-2025 को रद्द करवाना
- पंजाब में लगाए जा रहे प्रीपेड बिजली मीटर हटाना
- पंजाब सरकार को सरकारी जमीनों की बिक्री रोकना






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