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जालंधर वेस्ट हलके के पारस एस्टेट में 13 साल की बच्ची की हत्या के मामले में आरोपी हरमिंदर सिंह रिंपी का आज 9 दिन का पुलिस रिमांड खत्म हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को 2 दिन के और पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस ने मांगी थी 6 दिन की रिमांड
एडीसीपी-2 हरविंदर सिंह गिल ने बताया कि पुलिस को जांच के लिए और समय की आवश्यकता थी, इसलिए उन्होंने कोर्ट से आरोपी का 6 दिन का रिमांड मांगा था। हालांकि, माननीय जज ने सुनवाई के बाद 2 दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया है।
एडवोकेट पंकज ने बताया कि जज साहब ने केस की संवेदनशीलता को देखते हुए यह फैसला सुनाया है। अभी यह सार्वजनिक नहीं किया जा सकता कि पुलिस को आरोपी से क्या सबूत मिले हैं, लेकिन पुलिस की जांच सही दिशा में चल रही है और उम्मीद है कि जल्द ही सभी जरूरी सबूत जुटा लिए जाएंगे।
क्राइम सीन पर कड़ियां जोड़ रही पुलिस
इससे पहले 9 दिन के रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी से सख्ती से पूछताछ की। जांच टीम उसे मौका-ए-वारदात पर भी लेकर गई थी, जहां आरोपी ने हत्या करने से लेकर बच्ची के शव को बाथरूम में छिपाने तक की पूरी घटना की निशानदेही करवाई। इस दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं।
पुलिस की लापरवाही और कार्रवाई
यह मामला 23 सितंबर का है, जब पारस एस्टेट से 13 साल की बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। बच्ची की मां ने पड़ोसी और बस ड्राइवर रिंपी पर शक जताया था। मौके पर पहुंचे एएसआई मंगत राम ने रिंपी के घर की जांच की थी लेकिन खाली हाथ लौट आए थे और दावा किया था कि बच्ची वहां नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज से हुआ घटना का खुलासा
बाद में सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई कि बच्ची आखिरी बार रिंपी के घर जाती दिखी थी। इसके बाद भड़की हुई भीड़ ने जब घर का बाथरूम खोला तो वहां बच्ची का शव बरामद हुआ। इस मामले में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एएसआई मंगत राम को नौकरी से बर्खास्त (डिसमिस) कर दिया गया है, जबकि पीसीआर के दो अन्य एएसआई को सस्पेंड किया जा चुका है।




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