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जालंधर वेस्ट हलके के पारस एस्टेट में 13 वर्षीय बच्ची की जघन्य हत्या के मामले में लगातार जन आक्रोश बना हुआ है। इस बीच, मृतक लड़की के चाचा ने आरोपी की पहचान और धार्मिक निष्ठा को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज दावा किया है। वहीं, पुलिस विभाग ने इस मामले में कार्रवाई में कोताही बरतने वाले एक एएसआई को बर्खास्त कर दिया है और दो अन्य कर्मियों को निलंबित किया है।
आरोपी ने पैसों के लालच में बदला था वेश
बच्ची के चाचा ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि आरोपी व्यक्ति सिख नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने पैसों के लालच में अपना धर्म परिवर्तन किया था। उनका कहना है कि आरोपी ने सिख संस्था (MGN स्कूल में बस चालक) में नौकरी लेने के लिए ही 'दाढ़ा' (दाढ़ी) रखा था और उसने पहले भी वेष बदला था। चाचा ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने 'अमृतधारण' नहीं किया हुआ था और उसके पास मिली 'डोरी वाली छोटी कृपाण' भी सिखी में प्रमाणित नहीं है।
दोषियों को फांसी देने की मांग
पीड़ित परिवार के चाचा ने इस जघन्य अपराध के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भगवंत मान से आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सज़ा दिलाने की अपील की है। उन्होंने 2018 के कठुआ कांड का उदाहरण देते हुए कहा कि अपराधी किसी धर्म या जाति से नहीं होते। उन्होंने इस मुश्किल समय में परिवार के साथ खड़े रहने के लिए जत्थेदार का आभार भी व्यक्त किया।
पुलिस पर गिरी गाज: ASI बर्खास्त, 2 सस्पेंड
इस मामले में कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर विभाग ने सख्त एक्शन लिया है। एडीसीपी 2 हरविंदर सिंह गिल ने जानकारी दी कि शुरुआती जांच में कोताही सामने आने के बाद, पहले निलंबित किए गए एएसआई मंगत राम को अब सेवा से बर्खास्त (Dismiss) कर दिया गया है। इसके अलावा, मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पीसीआर कर्मियों को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एडीसीपी ने कहा कि गहन जांच के बाद ही एएसआई की लापरवाही सामने आई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।






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