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जालंधर देहात पुलिस ने नकोदर क्षेत्र में सक्रिय नवजात बच्चों की तस्करी (Infant Trafficking) करने वाले एक बड़े और सनसनीखेज गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 6 महिलाओं सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह अब तक कई बच्चों को 3 लाख से 5 लाख रुपए में बेऔलाद दंपतियों को बेच चुका था। पुलिस ने एक नवजात बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है।
गरीब परिवारों को बनाते थे निशाना
रिमांड पर पूछताछ में पता चला है कि इस गिरोह को मुख्य रूप से महिला आरोपियों द्वारा संचालित किया जाता था। गिरोह की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) के तहत वे सरकारी अस्पतालों और गरीब परिवारों की जानकारी जुटाते थे, खासकर उन परिवारों की जिनके पहले से दो से अधिक बच्चे हों। वे माता-पिता को पैसों का लालच देकर नवजात बच्चों को बेचने के लिए तैयार करते थे, जिसके बाद बच्चों को 3 से 5 लाख रुपए में बेच दिया जाता था।
पिता ने पत्नी से बोला झूठ
इस गिरोह का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक दंपती भी शामिल है जिसने अपना ही नवजात बेटा 3 लाख रुपए में बेच दिया। आरोपी पिता ने अपनी पत्नी को धोखा दिया और झूठ बोला कि बच्चा मृत पैदा हुआ था और उसकी बेहोशी की हालत में ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सौदा करते समय पुलिस ने किया गिरफ्तार
जालंधर देहात पुलिस को सूचना मिली, जिसके आधार पर एक विशेष जाल बिछाया गया। 22 नवंबर को नकोदर पुलिस ने इनोवा कार में सौदा करने पहुंचे जगजीत सिंह और उसकी मां रंजीत कौर को नवजात बच्चे के साथ रंगे हाथों पकड़ा था। इस गिरफ्तारी और रिमांड के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों का पर्दाफाश हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची
गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों में शामिल हैं: जगजीत सिंह (लुधियाना), रंजीत कौर, अमरजीत कौर (गांव कलां, लुधियाना), रीना (भैणी बाघा, मानसा), कुलविंदर कौर मनी (कुस्सा, मोगा), गगनदीप कौर (संत नगर, मोगा), रजनी (निगाहा रोड, मोगा), और बलजीत सिंह (घोलियां खुर्द, मोगा)।






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