Fri, 31 Jul 2026
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सांसद अमृतपाल की पैरोल पर पंजाब सरकार ने लिया बड़ा फैसला, नहीं दी कोई राहत

खडूर साहिब लोकसभा सीट से सांसद और 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह को पंजाब सरकार की ओर से बड़ा झटका लगा है। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह की पैरोल अर्जी को खारिज कर दिया है। राज्य सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें जेल से बाहर आने की अनुमति देने से साफ मना कर दिया है।

संसद के शीतकालीन सेशन के लिए मांगी थी अनुमति
अमृतपाल सिंह ने संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए अस्थाई रिहाई की मांग की थी। उन्होंने 21 नवंबर को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलने वाले संसद के शीतकालीन सेशन में शामिल होने की इजाजत मांगी गई थी। एक निर्वाचित सांसद के तौर पर उन्होंने सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए यह आवेदन किया था।

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फैसला लेने को कहा था
हाईकोर्ट ने प्रशासन को दिया था निर्देश अमृतपाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के गृह सचिव और अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर (DC) को निर्देश जारी किए थे। अदालत ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इस मामले पर विचार कर निर्णय लेने को कहा था। प्रशासन ने अदालत के निर्देशों के तहत मामले की समीक्षा की और अंततः पैरोल न देने का फैसला सुनाया।

सुरक्षा कारणों की वजह से नहीं मिली पैरोल
सुरक्षा कारणों का दिया गया हवाला अमृतपाल सिंह पिछले साल से एनएसए के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। पंजाब सरकार का मानना है कि उनकी रिहाई से राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। इसी आधार पर उनकी अर्जी को नामंजूर किया गया है। अब यह देखना होगा कि अमृतपाल सिंह के वकील इस फैसले के खिलाफ क्या अगला कानूनी कदम उठाते हैं।

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