Wed, 21 Oct 2026
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चंडीगढ़ को लेकर चल रही चर्चाओं पर केंद्र का जवाब, हस्तक्षेप करने का कोई भी प्रस्ताव नहीं

पिछले कुछ दिनों से चंडीगढ़ की प्रशासनिक स्थिति को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चल रही अटकलों पर केंद्र सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि चंडीगढ़ के ढांचे में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने जा रहा है।

क्या थीं आशंकाएं?

हाल के दिनों में यह चर्चा जोरों पर थी कि केंद्र सरकार चंडीगढ़ की शासन व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन करने की योजना बना रही है। कई राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों ने आशंका जताई थी कि इस बदलाव से पंजाब और हरियाणा के साथ चंडीगढ़ के पारंपरिक और ऐतिहासिक संबंध कमजोर हो सकते हैं, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो सकता है।

गृह मंत्रालय का स्पष्ट जवाब

इन चिंताओं का खंडन करते हुए गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। मंत्रालय ने साफ शब्दों में कहा: "चंडीगढ़ की मौजूदा शासन व्यवस्था को बदलने का कोई इरादा नहीं है। प्रशासन के ढांचे या पंजाब और हरियाणा के साथ इसके संबंधों में हस्तक्षेप करने का कोई भी प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है।"

प्रस्ताव का वास्तविक उद्देश्य

सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जो प्रस्ताव विचाराधीन है, उसका उद्देश्य केवल कानून बनाने की प्रक्रिया को सरल (Simplify) करना है। इसे प्रशासनिक शक्ति के हस्तांतरण या राज्यों के अधिकारों में कटौती के रूप में देखना गलत है। अभी तक इस सरलीकरण प्रक्रिया पर भी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

हितधारकों से होगी चर्चा

गृह मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया है कि चंडीगढ़ के हित उनके लिए सर्वोपरि हैं। भविष्य में यदि कोई भी निर्णय लिया जाता है, तो उससे पहले सभी संबंधित पक्षों और हितधारकों (Stakeholders) के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की असमंजस की स्थिति न रहे।

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