Fri, 30 Oct 2026
G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के। G2M देता है आप कीं क़लम आप के हाथ । G2M देता है आप को स्वतंत्र पत्रकारिता का सुनहरा मौक़ा, बह भी विना किसी शुल्क के।
Post Details

खतरा... तीन ब्लैक स्पाट कागजों में खत्म पीएपी चौक, पठानकोट रोड पर रेस पिंड और विधिपुर फाटक के पास नहीं बदले हालात ब्लैक स्पाट हादसे का कारण पढ़ें पूरी खबर 

खतरा... तीन ब्लैक स्पाट कागजों में खत्म

पीएपी चौक, पठानकोट रोड पर रेस पिंड और विधिपुर फाटक के पास नहीं बदले हालात

ब्लैक स्पाट हादसे का कारण

पढ़ें पूरी खबर 

 

जालंधर (राजन) : जिले के ब्लैक स्पाट खतरा बने हुए हैं। कानों में तोन ब्लैक स्पाट के समाधान का जिक्र है, लेकिन मौके पर अभी भी उतना ही खतरा है। जिस पीएपी चौक, पठानकोट हाईवे पर रेख पिंड और विधिपुर फाटक के ब्लैक स्पाट के समाधान के दावे अधिकारी कर रहे हैं, वहां के हालात नहीं बदले और वाहन चालक जेोखिम उठा रहे हैं। अवैध फट, अवैव पार्किंग, ट्रैफिक लाइटें और साइन बोर्ड की कमी के कारण भी हादसे हो रहे हैं।

ट्रैफिक पुलिस ने इन तीनों जगहों पर बैरिकेड्स लगाकर अस्थायी समाधान किया है, लेकिन कई बार यहां से वैरिकेड ही नहीं मिलते। पीएपी चौक फ्लाईओवर पर ती जिस रास्ते को बंद किया गया था, वहां से दोपहिया वाहन चालक बेखौफ फ्लाईओवर पर चढ़ रहे हैं। ब्लैक स्पाट दूर करने के लिए द का संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी जाती है, लेकिन ब्लैक स्याट कम होने के बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं।

 

एडीसी बोलीं-ब्लैक स्पाट दूर करना विभागों का जिम्मा

एडीसी (ज) अमनिंदर कौर ने कहा कि नेशनल हाईवे अथारिटी, लोक निर्माण विभाग व नगर निगम को उनके अधिकार क्षेत्र के ब्लैक स्पाट दूर करने को कहा जाता है। ब्लैक स्पाट दूर करना विभागों का जिम्मा है। सभी विभाग अपने संसाधन से फंड खर्च करते हैं। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस की राज्यस्तरीय कमेटी भी ब्लैक स्पाट दूर कराने के लिए इन प्वाइंट का मुआइना करती है।

 

कुछ बदलाव करने से समस्या का होगा समाधान : एक्सईएन

पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवीन मित्तल ने कहा कि जहां ब्लैक स्पाट में तकनीकी खामियां हैं, उन पर काम जरूरी है। वहीं कई ब्लैक स्पाट ऐसे होते हैं, जहां कुछ बदलाव करके हादसों को रोका जा सकता है। लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। ट्रैफिक लाइट्स, हर मोड़ पर साइन बोर्ड व रिफ्लेक्टर लगाने जैसे उपाय से समस्या काफी हद तक हल हो सकती हैं।

 

ब्यास पिंड टी-प्वाइंट पर 12 लाख ट्रैफिक लाइट्स पर होंगे खर्च 

किशनगढ़ के ब्यास पिंड टी-प्वाइट पर ट्रैफिक लाइटों पर 12 लाख खर्च किए आ रहे है। यहां पर घावक फौजा सिंह की हादसे में जान गई थी। इस प्वाइंट पर लाइट न होने के कारण तीन तरफ से वाहन तेजी से गुजरते हैं। धावक फौजा सिंह की हादसे में मौत के बाद मुझे उठा तो जिला प्रशासन ने विशेष फंड जारी करते हुए ट्रैफिक लाइट्स लगाने के‌ निर्देश दिए।

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 256484

Share this Post