ਜਿਸ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀ ਸ਼ਹਿਰ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਸੁਥਰਾ ਰੱਖਣ ਦੀ ਉਸਦੇ ਮੇਨ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬਾਥਰੂਮਾਂ ਦਾ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਹੈ ।
बैंक कर्मचारी बनकर बुजुर्गों के साथ ठगी, छह महीनों में 32 केस दर्ज
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जालंधर (राजन) : शहर के साइबर थाने ने पिछले छह महीनों में साइबर ठगी के कुल 32 केस केस दर्ज किए हैं, जिसमें बुजुर्गों को बैंक के कस्टमर केयर और रिश्तेदार बनकर पैसे ठगे गए हैं। इनमें से 14 केस वीकएंड पर हुए हैं, जब बैंक नहीं खुलते। ठग बुजुर्गों को वीकएंड पर इसलिए टारगेट करते हैं ताकि बैंक में वह विजिट न कर सकें।
काल दौरान साइबर ठग झांसा देते हैं कि आपके खाते और क्रेडिट कार्ड में अपडेट होने वाला है। अगर अपडेट नहीं हुआ तो पैसों के लेन देन व भुगतान नहीं हो सकेगा। ठग काल के दौरान पहले ही पूछ लेते हैं कि आखरी बार बैंक से पैसे कब निकाले थे और खाता न चलाने का बहाना बनाकर नंबर अपडेट करने के बहाने झांसे में लेकर बुजुर्गों को लिंक भेजते हैं। लिंक खोलते ही मोबाइल हैक हो जाता है और अकाउंट से पैसे कट जाते हैं।
साइबर ठगों ने बैंककर्मी बनकर, शहीद बाबू लाभ सिंह नगर के रहने वाले जतिन खुराना को जनवरी महीने के शनिवार को काल की। काल करने वाले खुद को आइसीआइसीआइ बैंक कर्मी बताया कि और कहा कि उनके पुराने कार्ड का समय खत्म होने वाला है और नया कार्ड अपडेट करने वाद उसे बैंक से लिंक करना होगा। अगर नहीं किया तो तीन हजार रुपये फीस खाते से कट जाएगी।
साथ ही कार्ड भी बंद हो जाएगा। इसके बाद ठग ने जतिन कुमार के मोबाइल पर लिंक भेज दिया। उन्होंने लिंक को खोला तो उनका मोबाइल हैक हो गया और कुछ समय के बाद मोबाइल पर दो लाख रुपये कटने का मैसेज आया। उन्होंने ठगी की शिकायत थाना बस्ती बावा खेल की पुलिस को दी।
साइबर ठगों से बचने के लिए उपाय
किसी से भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
किसी भी अनजान नंबर या ईमेल से आए लिंक पर क्लिक न करें।
किसी भी बैंक का कर्मचारी फोन कर ओटीपी नहीं मांग सकता है।
ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 नंबर पर काल करें।
लिंक खोलते ही खाता खाली
गार्डन कालोनी के सिमरनजीत सिंह (62) को मार्च में काल आई थी। काल करने वाले खुद को बैंक कर्मी बताया। उसने कहा, उनके दो खाते चल रहे हैं। एक खाते से काफी समय से लेन-देन नहीं हुआ है। उसकी केवाईसी जरूरी है। उसने लिंक भेजा, जिसे खोलते ही मोबाइल हैक हो गया। दस मिनट बाद खाते से 45 हजार रुपये कटने का मैसेज आ गया।
साइबर ठगों ने ठगे 81 हजार
साइबर ठगों ने आइसीआइसीआइ बैंक का कर्मी बनकर लाजपत नगर के रूपांश को फरवरी में शनिवार शाम को फोन किया। उनसे कहा कि आपने क्रेडिट कार्ड को काफी दिन से चलाया नहीं है। कार्ड और खाता ब्लाक हो जाएगा। ठग ने उन्हें झांसे में लेकर कार्ड का ओटीपी ले लिया। कुछ समय के बाद पीड़ित के मोबाइल पर 80 हजार रुपये कटने का मैसेज आया।






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