Friday, 30 Jan 2026

एमपी से हो रही हथियारों की सप्लाई, दो वर्ष में 70 से अधिक गिरफ्तार पढ़ें पूरी खबर

एमपी से हो रही हथियारों की सप्लाई, दो वर्ष में 70 से अधिक गिरफ्तार

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जालंधर (राजन) : पंजाब में अवैध हथियारों की तस्करी पिछले दो वर्षों से त्वगातार बढ़ रही है। पुलिस रिकार्ड बताता है कि वर्ष 2023-2024 में जालंधर समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों से पकड़े गए करीब 100 हथियारों में से 70 से अधिक हथियार मध्य प्रदेश के रास्ते से आए थे। तस्करी का यह लेटवर्क इतना सक्रिय और संगठित है कि जिले की पुलिस तथा स्पेशल सेल दोनों इस पर संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि मध्य प्रदेश की सीमा के नजदीक कई देहाती इलाकों में हथियार बनाने का अवैध कारोबार खुले तौर पर चल रहा है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घर-घर देसी कट्टे, पिस्तौल और राइफल जैसी घातक हथियार बनाए जा रहे हैं। इन हथियारों पर कोई ब्रांडिंग, सीरियल नंबर या मार्किंग नहीं होती, जिससे बरामदगी के बाद भी इनके स्रोत का मध्य प्रदेश पता लगाना मुश्किल हो जाता है। इसके विपरीत, पाकिस्तानी बार्डर से आने वाले हथियारों की बनावट देखकर पंजाब पुलिस आसानी से पहचान लेती है, जिससे जांच में तेजी आती है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश की सप्लाई चेन पुलिस के लिए ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है। गिरफ्तार तस्करों ने माना, मध्य प्रदेश से लाते थे हथियार : पिछले एक साल में जालंधर पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब अवैध हथियार लेकर आ रहे कई तस्कर गिरफ्तार किए गए। इनमें कुछ लोकल बदमाश भी शामिल थे, जो सीधे मध्य प्रदेश जाकर हथियार खरीदते थे और पंजाब के विभिन्न जिलों में सप्लाई करते थे। गिरफ्तार हुए अनेक आरोपितों ने बताया कि हथियार ट्रेन और बस के माध्यम से पंजाब तक पहुंचाए जाते हैं। कई बार महिला कैरियर्स का इस्तेमाल किया जाता है ताकि चेकिंग के दौरान शक न हो।

नेटवर्क में मध्य प्रदेश और यूपी के कई वड़े सप्लायर शामिल बीते दिनों जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के पकड़े गए सदस्यों ने भी यह कबूल किया कि उनके कई साथी मध्य प्रदेश के शेल्टर प्वाइंट्स से सीधे हथियार उठीते थे। गिरोह इन्हें आगे लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और पठानकोट तक - पहुंचाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि हथियारों की खरीद- फरोख्त के इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म, एन्क्रिप्टेड चैट और इंटरनेट कालिंग का खूब इस्तेमाल हो रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई तस्कर फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर फर्जी आइडी के सहारे सौदा तय करते हैं। आनलाइन भुगतान और डिजिटल वालेट का प्रयोग होने से यह अवैध कारोबार और भी तेजी से फैल रहा है। कई मामलों में तस्करों के मोबाइल फोन से डिलीट की गई चैट रिकवर कर पुलिस ने बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

दो वर्षों का डेटा गिरफ्तारी : 2023 और 2024 में कुल 70 से अधिक तस्कर और सप्लायर पकड़े। बरामदगी : 100 से अधिक अवैध हथियार, जिनमें नौ एमएम पिस्तौल, .315 बोर और 32 बोर कट्टे, देसी राइफलें और बड़ी मात्रा में मैगजीन शामिल। 2000 से अधिक जिंदा कारतूस, जिनमें अधिकतर मध्य प्रदेश से सप्लाई हुए।

अवैध हथियारों की विक्री और सप्लाई चेन तोड़ने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। इस पर स्पेशल टीमें काम कर रही हैं, जो मध्य प्रदेश और यूपी से आने वाले हथियार तस्करों की सप्लाई चेन पर नजर रख रही हैं। साथ ही, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और बार्डर एरिया में चेकिंग बढ़ाई गई है। 

धनप्रीत कौर, पुलिस कमिश्नर


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