Thu, 05 Nov 2026
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आवारा कुत्तों की होगी एंटी रैवीज वैक्सीनेशन, केंद्र के फंड से जिले में जल्द शुरू होगा काम पढ़ें पूरी खबर 

आवारा कुत्तों की होगी एंटी रैवीज वैक्सीनेशन, केंद्र के फंड से जिले में जल्द शुरू होगा काम

पढ़ें पूरी खबर 

 

जालंधर (राजन) : केंद्र सरकार के एंटी रैबीज प्लान पर जालंधर में जल्द काम शुरू होगा। इस अभियान के तहत पूरे देश में डाग्स के नसबंदी के आपरेशन होंगे और डाग्स को एंटी रैबीज टीके लगाए जाएंगे। सिर्फ आवारा कुत्ते ही नहीं पालतू डाग्स को भी टीके लंगवाए जा सकेंगे। जिलों में माडल एंटी रैबीज क्लीनिक स्थापित किया जाएगा। जालंधर में अब तक कुत्तों को स्टरलाइजेशन करने का अभियान सिर्फ नगर निगम के अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों में ही चल रहा था, लेकिन अब यह अभियान पूरे जिला में चलेगा।

इसके लिए कस्बों में नगर कौंसिल को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करना होगा तो ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत को पंचायती राज विभाग के साथ मिलकर काम करना होगा। इसमें मुख्य भूमिका वेटरनरी विभाग की रहेगी। कई शहरों में इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया गया है। नगर निगम को इसके लिए डाग्स की गिनती का सर्वे करवाना होगा। सर्वे करवाने के बाद जितनी गिनती में डाग्स का डाटा सामने आएगा, उसके लिए केंद्र सरकार से फंड मिलेगा। इस प्रोजेक्ट के तहत टीम फील्ड में जाकर डाग्स की वैक्सीनेशन करेगी। जिन डाग्स को टीका लगा दिया जाएगा, उनकी गर्दन पर पिंक या लाल रंग का स्प्रे कर दिया जाएगा। यह स्प्रे दो से तीन महीने तक रहता है और इस समय के दौरान उस इलाके के सभी डाग्स की वैक्सीनेशन हो जाएगी। इसकी मानिटरिंग करने के लिए वैक्सीनेशन की फोटो जीपीएस लोकेशन के साथ अपलोड करनी होगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह अभियान वार्ड स्तर पर शुरू होना है, इसलिए एक इलाके में एक से दो महीने में सभी डाग्स की वैक्सीनेशन हो जाएगी।

सभी राज्यों से मांगी है रिपोर्ट नेशनल एक्शन प्लान फार डाग मेडिकेटेड रैबीज एलिमिनेशन फ्राम इंडिया 2030 के तहत सभी राज्यों को एक्शन प्लान भेज कर रिपोर्ट मांगी गई है। अभियान के तहत साल 2030 तक पूरे देश में रैवीज से होने वाली मौत के आंकड़े को जीरो पर लाना है। इसके लिए जागरूकता अभियान, एनिमल और डाग्स बाइट्स के केसों की मानिटरिंग पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए मास लेवल पर वैक्सीनेशन अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार ने भी सभी नगर निगमों, नगर कौंसिलों और पंचायती राज विभाग को यह प्लान जारी कर दिया है।

भेजा जाएगा एस्टीमेट प्रोजेक्ट की 100 प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार ने करनी है। निगम और संबंधित अथारिटीज को सिर्फ डाग्स की गिनती के एस्टीमेट बना कर भेजने हैं। दुनिया भर में रैबीज के जितने केस आ रहे हैं उनमें 36 प्रतिशत सिर्फ भारत से हैं, इसलिए भारत को इस प्रोजेक्ट के लिए फंड दिया है। केंद्र सरकार का जिम्मा रहेगा कि बिना किसी रुकावट के एंटी रैबीज वैक्सीन व एंटी रैबीज सिरम उपलब्ध करवाना।

जिले में करीव तीन लाख आवारा कुत्ते होने का अनुमान एक अनुमान के अनुसार जालंधर के शहरी इलाके में करीब एक लाख से सवा लाख तक आवारा कुत्ते हैं। नगर निगम के इलाके में अभी सिर्फ 40 हजार डाग्स के ही आपरेशन हुए हैं। कम से कम 70 प्रतिशत डाग्स के आपरेशन जरूरी है। वहीं जिले में आवारा कुत्तों की संख्या करीब तीन लाख हो सकती है। ऐसे में नगर निगम, नगर कौंसिल और पंचायतों को इस पर तेजी से काम करना होगा। जालंधर शहर में ही रोजाना 30 से 40 डाग बाइट के केस आ रहे हैं।

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