सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा पंजाब और कई किसान यूनियनें आज शंभू बॉर्डर से दिल्ली की ओर मार्च करने की तैयारी में हैं। सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी बॉर्डर पर जुटने लगे और दोपहर तक भीड़ काफी बढ़ गई। तय कार्यक्रम के अनुसार सभी संगठन यहां से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
किसान यूनियनों का मार्च को समर्थन
किसान यूनियन नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि कौमी इंसाफ मोर्चा ने दिल्ली तक मार्च करने का फैसला लिया है, और किसान संगठन इस कदम का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मार्च शंभू बॉर्डर से ही शुरू होगा। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष डॉ. दर्शन पाल ने बताया कि इस आंदोलन की तीन मुख्य मांगें हैं। सरकार के साथ दोपहर दो बजे बातचीत तय है और नौ सदस्यों की कमेटी इसमें शामिल होगी। वार्ता के बाद आगे की रणनीति घोषित की जाएगी।
तीन प्रमुख मांगे रखी गईं
सिख बंदियों की रिहाई
धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी पर सख्त कानून
सोनम वांगचुक सहित राजनीतिक बंदियों की तुरंत रिहाई
पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया
मार्च की घोषणा के बाद पंजाब और हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सख्त कर दी है। 13 नवंबर से ट्रैफिक डायवर्जन लागू है। आज 14 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक राजपुरा-अंबाला हाईवे को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।






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