जालंधर थाना फिल्लौर में तैनात इंस्पेक्टर भूषण कुमार पर नाबालिग बच्ची के साथ अश्लील हरकतें करने और दूसरी महिला से वीडियो कॉल पर अभद्र बातचीत के मामले में अब फिल्लौर के डीएसपी सरवण सिंह बल्ल की मुश्किलें बढ़ गई है। इस केस में एसएसपी ऑफिस के सीनियर पुलिस अधिकारियों तक की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
कहा जा रहा हैकि पंजाब राज्य बाल अधिकार सुरक्षा आयोग ने इस प्रकरण में सख्त रुख अपनाते हुए भूषण के खिलाफ POCSO एक्ट मामले में डीएसपी पर एफआईआर दर्ज करके तुरंत गिरफ्तारी के आदेश जारी किए हैं। बाल आयोग के हस्तक्षेप के बाद आने वाले दो से तीन दिनों में एसएसपी देहाती पर भी कार्रवाई हो सकती है।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि इंस्पेक्टर भूषण कुमार पर महिला के साथ अश्लील बातचीत के मामले में धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया जाए और उसकी भी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाए। किसी भी पुलिस अधिकारी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा और नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दरअसल, इस घटना ने न केवल जालंधर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि पुलिस विभाग के अंदर अनुशासन और जवाबदेही की कितनी गंभीर कमी बनी हुई है।



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