ਜਿਸ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀ ਸ਼ਹਿਰ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਸੁਥਰਾ ਰੱਖਣ ਦੀ ਉਸਦੇ ਮੇਨ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬਾਥਰੂਮਾਂ ਦਾ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਹੈ ।
साइबर ठगों का सबसे अधिक शिकार हो रहे बुजुर्ग, बच्चों ने ढूंढ़े बचाव के उपाय
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जालंधर (राजन) : साइबर ठगों से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन शातिर ठग फिर भी लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर ही लेते हैं। यह गिरोह ज्यादातर बुजुर्गों को ठगी को शिकार बना रहा है। शिकायत के बाद पुलिस सिर्फ उनके खिलाफ मामला दर्ज करने तक ही सीमित रहती है। बीते छह महीने में बुजुर्गों से ठगी से सात से आठ केस जालंधर में पुलिस ने दर्ज किए हैं, जिसमें ठगों ने बैंक कर्मी, रिश्तेदार और पुलिस कर्मी के नाम पर बुजुर्गों को गिरफ्तारी व अन्य झांसा देकर ठगा है। ठगी होने के बाद लोग पैसों को वापस पाने के लिए थानों के चक्कर काटते रह जाते हैं। ऐसे में बच्चों ने पिता को ठगी से बचाने के लिए बचाव के उपाय कर दिए।
फरवरी 2025 में साइबर ठगों ने कोछड़ स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज के मालिक सिमरजीत सिंह के पिता कंवलजीत सिंह को व्हाट्सएप पर काल आई। काल करने वाले नंबर पर किसी थी और ठग ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कहा कि बेटे को अवैध गतिविधियों में पकड़ा है। उन्होंने बेटे को बचाने के लिए ठगों के खाते में पांच लाख रुपये आरटीजीएस करवा दिए। आधे घटे में कंवलजीत ने वापस उसी नंबर पर काल की तो नहीं लगी। कुछ समय के बाद उनका बेटा घर आया तो पता चला कि उनके साथ ठगी हुई है। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी। दोबारा ठगी न हो इसलिए उन्होंने बेटे से कान्फ्रेंस काल जोड़ना सीख लिया। अब कभी उन्हें ऐसी कोई फर्जी काल आती है तो वह पहले बेटे को कान्फ्रेंस काल कर जोड़ लेते हैं, जिससे बचाव हो जाता है।
कनाडा में बेटे को गिरफ्तार बताकर बुजुर्ग से ठगे 2.70 लाख
हरगोबिंद नगर निवासी जसबीर चंद का बेटा अंकुश कनाडा में रहता है। साइबर ठगों ने उन्हें अक्टूबर वाट्सएप काल की। काल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और कहा कि कनाडा में रहते उनके बेटे ने कानून का उल्लंघन किया है, जिसके चलते उसे गिरफ्तार कर लिया है। ठग ने बेटे को छोड़ने की बात कह 2.70 लाख रुपये अपने खातों में डलवा लिए। रात को बेटे के साथ बात हुई तो उन्हें ठगी के बारे में बता चला, जिसकी शिकायत उन्होंने साइबर क्राइम की पुलिस को दी। पिता के साथ दोबारा ठगी न हो, इसलिए बेटे ने एक तरीका ढूंढ़ा। उसने रोजाना रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद की अपनी फोटो पिता को भेजनी शुरू की। अब फर्जी काल आने पर वह बेटे के चेहरे और कपडों के बारे में पूछताछ करते हैं।
साइबर ठगों से बचने के लिए उपाय
बैंक कर्मचारी कभी भी फोन पर डिटेल्स नहीं मांगते हैं।
अनजान व्यक्ति से फोन पर बात
कर उसके बहकावे में न आएं।
किसी भी तरह के आफर और लालच में न आएं।
ठगी होने के बाद बंद की आनलाइन ट्रांजेक्शन
कैंट के रहने वाले 60 वर्षीय जतिंदर सिंह को जून में काल आई। काल करने वाले खुद को बैंक का कस्टमर केयर कर्मी बताया और कहा कि कार्ड नया अपडेट होने वाला है। इसके लिए उसने एक भेजे गए लिंक को खोलने को कहा था, जिसको खोलते ही खाते में से एक लाख रुपए कटने का मैसेज आ गया। ठगी के बारे में पता लगते उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने जांच के बाद दो आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पीड़ित ने दोबारा ठगी न हो, इसलिए पहले नंबर बदल लिया और आनलाइन ट्रांजेक्शन ही बंद करवा दी।






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