ਕੈਬਨਟ ਮੰਤਰੀ ਮਹਿੰਦਰ ਭਗਤ ਅਤੇ ਮੇਅਰ ਵਨੀਤ ਧੀਰ ਨੇ ਮੀਟਿੰਗ ਕਰਕੇ ਵੈਸਟ ਹਲਕੇ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਦਾ ਜਾਇਜ਼ਾ ਲਿਆ ।
राजधानी दिल्ली की हवा शनिवार 8 नवंबर को एक बार फिर ज़हर बन गई। प्रदूषण का स्तर खतरनाक ऊंचाई पर पहुंच गया है और लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है।
दिल्ली में दमघोंटू हवा
- सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार शाम औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 372 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है।
- कुछ इलाकों में स्थिति इससे भी बदतर रही —
- अलीपुर: 417
- आईटीओ: 408
- नेहरू नगर: 407
- पटपड़गंज: 403
- पंजाबी बाग: 404
- दिल्ली के कई हिस्से ‘गंभीर’ प्रदूषण की चपेट में
CPCB के समीर एप के आंकड़ों के मुताबिक, शाम 4 बजे AQI 361 था जो कुछ ही घंटों में बढ़कर 372 पहुंच गया।
वजीरपुर, बवाना, नरेला और बुराड़ी जैसे इलाकों में AQI 420 से भी ऊपर दर्ज किया गया — जो “गंभीर” श्रेणी में आता है।
सबसे प्रदूषित क्षेत्र: वजीरपुर (424), बवाना (424), विवेक विहार (415), बुराड़ी क्रॉसिंग (420), नरेला (412)
NCR की भी बुरी हालत
- नोएडा: 354
- ग्रेटर नोएडा: 336
- गुरुग्राम: बहुत खराब श्रेणी में
CPCB के 39 मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़े बताते हैं कि पूरा NCR क्षेत्र प्रदूषण की गिरफ्त में है।
आने वाले दिनों में नहीं मिलेगी राहत
एयर क्वालिटी अर्ली वॉर्निंग सिस्टम का अनुमान है कि अगले कई दिनों तक दिल्ली-एनसीआर की हवा “बेहद खराब” श्रेणी में बनी रहेगी।






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