Sat, 20 Jun 2026

अमेरिका के वीज़ा के लिए नई गाइडलाइन, अब इन लोगों को नहीं मिलेगी एंट्री

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने वीजा से जुड़ी नई गाइडलाइन जारी की है, जिसने भारतीय आवेदकों में चिंता बढ़ा दी है। नई नीति के अनुसार, अब डायबिटीज, मोटापा, हृदय रोग या कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अमेरिका का वीजा मिलना मुश्किल हो सकता है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनियाभर के दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को निर्देश दिया है कि वे वीजा आवेदकों की हेल्थ, उम्र और आर्थिक स्थिति की सख्ती से जांच करें। यदि किसी व्यक्ति के भविष्य में महंगे इलाज या सरकारी सहायता पर निर्भर होने की संभावना दिखती है, तो उसका वीजा रद्द या अस्वीकृत किया जा सकता है।

नई नीति का उद्देश्य

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इस कदम का मकसद सरकारी स्वास्थ्य खर्च के बोझ को कम करना है। अमेरिकी सरकार नहीं चाहती कि देश में आने वाले विदेशी नागरिक आगे चलकर “पब्लिक बेनिफिट” यानी सरकारी सहायता पर निर्भर हों।

KFF हेल्थ न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश विभाग ने दूतावासों को भेजे गए आधिकारिक पत्र में इन दिशानिर्देशों को विस्तार से बताया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गंभीर या दीर्घकालिक बीमारियों से ग्रस्त आवेदकों के वीजा अस्वीकृत होने की संभावना अब ज्यादा बढ़ गई है।

वैश्विक और भारतीय संदर्भ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया की लगभग 10% आबादी डायबिटीज से पीड़ित है, जबकि हृदय रोग आज भी मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। भारत की बात करें तो यहां 35–40% वयस्क आबादी किसी न किसी लाइफस्टाइल डिज़ीज़ — जैसे डायबिटीज, मोटापा या हृदय रोग — से प्रभावित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई अमेरिकी नीति से लाखों भारतीयों के अमेरिका जाने के सपनों पर असर पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर जो इलाज करा रहे हैं या पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।


780

Share News

Comments

No comments yet.



Latest News

Number of Visitors - 168182