विश्लेषण: 'आम आदमी' की सरकार का 'VVIP' आयोजन, सड़कों पर रुलती रही आस्था
भीष्म प्रतिज्ञा भक्तों की प्रतिज्ञा पूरी करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी प्रतिज्ञा तोड़ दी जय हो भक्त वत्सल भगवान की जय हो जो पै हरिहिं न शस्त्र गहाऊं। तौ लाजौं गंगा जननी कौं सांतनु-सुतन कहाऊं॥ स्यंदन खंडि महारथ खंडौं, कपिध्वज सहित डुलाऊं। इती न करौं सपथ मोहिं हरि की, छत्रिय गतिहिं न पाऊं॥ पांडव-दल सन्मुख ह्वै धाऊं सरिता रुधिर बहाऊं। सूरदास, रणविजयसखा कौं जियत न पीठि दिखाऊं॥ : योगिराज रमेश जी महाराज
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