ਜਿਸ ਨਗਰ ਨਿਗਮ ਦੀ ਸ਼ਹਿਰ ਨੂੰ ਸਾਫ਼ ਸੁਥਰਾ ਰੱਖਣ ਦੀ ਉਸਦੇ ਮੇਨ ਦਫ਼ਤਰ ਦੇ ਅੰਦਰ ਬਾਥਰੂਮਾਂ ਦਾ ਬੁਰਾ ਹਾਲ ਹੈ ।
फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस मामले में जांच शुरू, रिकॉर्ड खंगाला गया
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जालंधर (राजन) : विदेश में रह रहे पक्का बाग निवासी कृष्णा खुराना का फर्जीवाड़े से बने ड्राइविंग लाइसेंस की शिकायत पर मंगलवार को जांच शुरू हो गई है। आरटीओ ने मामले की जांच का जिम्मा एटीओ विशाल गोयल को सौंपा है, जिन्होंने शाम को ट्रैक का दौरा किया। बताया कि ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट लेने वाले संदीप कुमार के पास जाकर उन्होंने आवेदक के दस्तावेज की मांग की, ताकि पता चल सके कि उसने कब आवेदन किया था और कब-कब टेस्ट दिया था।
किसकी आइडी से उसके टेस्ट को मंजूरी मिली थी। इसके अलावा टेस्ट देने के दौरान की सीसीटीवी फुटेज भी मांगी गई है, जो टेस्ट वाले कंप्यूटर के हार्डडिस्क और चंडीगढ़ वाले सर्वर में सेव रहता है। उसकी भी पड़ताल की जाएगी, ताकि स्पष्ट हो सके कि टेस्ट किसने दिया था। सारे रिकार्ड और पक्षों की जांच करने के बाद ही जांच को लेकर किसी नतीजे तक पहुंचेंगे।
इससे पहले एटीओ विशाल गोयल आवेदक के पक्का बाग स्थित घर भी गए थे, जहां पता लगा कि आवेदक कृष्णा खुराना कनाडा नहीं बल्कि मार्च में स्टडी वीजा पर यूरोप गया था। उसके स्वजनों ने बताया कि इस बारे में उनका बड़ा बेटा ही कुछ बता सकता है, जो निजी व्यस्तता के कारण सात नवंबर के बाद ही उनसे बातचीत के लिए उपलब्ध हो पाएगा।
दूसरी ओर ड्राइविंग ट्रैक की इंचार्ज एटीओ कमलेश कुमारी ने बताया कि आवेदक युवक का पक्ष जानने के लिए उसके घर के पते पर दो नोटिस भेजे जा चुके हैं। स्पीड पोस्ट के माध्यम से सोमवार को और मंगलवार को नोटिस भेजा गया है। बुधवार को सरकारी अवकाश है, इसलिए उम्मीद है कि वीरवार को उसके स्वजन में से कोई आवेदक की तरफ से पक्ष रखने आएगा। कारण कोई भी एक्शन लेने से पहले उसके सभी प्रोसेस को पूरा करना होगा।
सही कार्रवाई न हुई तो हाई कोर्ट जाएंगे
उधर, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनने की शिकायत करने वाले कांग्रेस नेता एवं आरटीआइ एक्टिविस्ट संजय सहगल ने कहा है कि जिला प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करे। अगर इस मामले में सही कार्रवाई नहीं हुई तो वो हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करेंगे, ताकि इसमें पूरे मामले का सही खुलासा हो सके।






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