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चंडीगढ़ नगर निगम की मीटिंग में सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा पार्षद गुरबख्श रावत ने आरोप लगाया कि नींव पत्थर की प्लेट पर पार्षद, मेयर और डिप्टी मेयर के नाम नहीं लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में लगाए गए पोल पर भी उनका नाम नहीं है और ऐसे आयोजनों में उन्हें आमंत्रण तक नहीं दिया जा रहा।
सचिन गालिब और सौरव जोशी आमने-सामने
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— Amit Pandey (@amitpandaynews) November 3, 2025
चंडीगढ़ निगम की बैठक में भाजपा-कांग्रेस पार्षद भिड़े।
नींव पत्थर की प्लेट पर नाम लिखने को लेकर बवाल। मेयर - प्रेम लता में भी बहस#Chandigarh pic.twitter.com/bJrhM8MT17
भाजपा पार्षद रावत की बात का समर्थन करते हुए सौरव जोशी ने इस मुद्दे को उठाया। वहीं, कांग्रेस पार्षद सचिन गालिब ने इसका विरोध किया। बात इतनी बढ़ी कि दोनों दलों के पार्षद अपनी-अपनी सीट छोड़कर आमने-सामने आ गए। मीटिंग का माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि हाथापाई की नौबत तक आ गई।
निजी आरोपों से बढ़कर सिख दंगों तक पहुंची बहस
विवाद के बीच चर्चा 1984 के सिख दंगों तक पहुंच गई। भाजपा पार्षद सौरव जोशी ने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी पर निशाना साधते हुए कहा कि “सांसद साहिब रहते कहां हैं, वह तो शनिवार-रविवार वाले सांसद हैं।” इस टिप्पणी से कांग्रेस पार्षद भड़क गए। सचिन गालिब ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद माहौल और गर्मा गया।
बाकी पार्षदों ने संभाला मामला
स्थिति को बिगड़ता देख अन्य पार्षदों ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। मीटिंग कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि सभी मुद्दों पर चर्चा लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए।






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